Jacqueline Fernandez Money Laundering Charges: अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज और कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कानूनी कार्यवाही बुधवार को एक कदम आगे बढ़ गई, जब दिल्ली की एक अदालत ने औपचारिक रूप से उन पर और कई अन्य आरोपियों पर आरोप तय कर दिए।
Jacqueline Fernandez Money Laundering Charges: 200 करोड़ मनी लॉड्रिंग केस में जैकलीन फर्नांडिस और सुकेश पर कोर्ट का शिकंजा!

अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज बुधवार, 3 जून को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में 200 करोड़ रुपये के हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पेश हुईं, जिसका संबंध कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से भी है। कोर्ट ने फर्नांडीज, चंद्रशेखर और 15 अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत औपचारिक रूप से आरोप तय करने का निर्देश दिया।
यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने पारित किया, जिन्होंने यह टिप्पणी की कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री सभी आरोपियों के खिलाफ एक गहरा संदेह पैदा करने के लिए पर्याप्त है। अदालत ने यह भी कहा कि फर्नांडीज को कथित तौर पर 5.71 करोड़ रुपये से अधिक के उपहार और वित्तीय लाभ प्राप्त हुए थे। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि ये संपत्तियां कथित तौर पर चंद्रशेखर के कथित जबरन वसूली नेटवर्क से जुड़े अपराध की कमाई का इस्तेमाल करके हासिल की गई थीं।
अदालत ने इससे पहले ऐसे सबूतों का संज्ञान लिया था, जिनसे यह संकेत मिलता है कि चंद्रशेखर के आपराधिक पृष्ठभूमि से अवगत होने के बावजूद, फर्नांडीज ने महंगे उपहार और अन्य लाभ स्वीकार करना जारी रखा।
जैकलीन फर्नांडीज ने गवाह बनने की अर्जी वापस ली

मई 2026 में, जैकलीन फर्नांडीज ने इस मामले में गवाह (approver) बनने के लिए एक अर्जी दाखिल की थी। इस अर्जी के ज़रिए, उन्होंने चंद्रशेखर के खिलाफ सबूत देकर अभियोजन पक्ष की मदद करने की अनुमति मांगी थी, जिससे उन्हें शायद आपराधिक मुकदमे से बचने में मदद मिल सकती थी। हालाँकि, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस अनुरोध का कड़ा विरोध किया।
ED ने तर्क दिया कि फर्नांडीज न केवल इस मामले से लाभ पाने वाली थीं, बल्कि कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल भी थीं। ED की आपत्तियों के बाद, अभिनेत्री ने 1 जून 2026 को गवाह बनने की अपनी अर्जी वापस ले ली।
कानूनी राहत देने से मना कर दिया

अपनी याचिका वापस लेने से पहले, फर्नांडीज ने दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट, दोनों से संपर्क किया था और अपने खिलाफ दर्ज एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, दोनों अदालतों ने राहत देने से मना कर दिया और जांच तथा कार्यवाही जारी रखने की अनुमति दी।
आरोप तय करने का आदेश देते हुए, जज प्रशांत शर्मा ने कहा कि रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री मौजूद है, जिसके आधार पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत सभी आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है। अदालत ने फैसला सुनाया कि आरोपियों पर PMLA की धारा 3 के तहत आरोप लगाए जाने चाहिए, जो मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से संबंधित है और इस एक्ट की धारा 4 के तहत दंडनीय है।
जैकलीन फर्नांडीज और सुकेश चंद्रशेखर के अलावा, आरोपियों की सूची में चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉल के साथ-साथ दीपक रामनानी, प्रदीप रामदानी, बी मोहनराज, अरुण मुथु, डी कमलेश कोठारी, पिंकी ईरानी और कई अन्य लोग शामिल हैं।
200 करोड़ रुपये का मनी लॉन्ड्रिंग मामला क्या है?

सुकेश चंद्रशेखर भारत की सबसे चर्चित वित्तीय अपराध जांचों में से एक के केंद्र में रहा है। उसे सबसे पहले 2017 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था और बाद में 2021 में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने अपनी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत उसे हिरासत में ले लिया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, चंद्रशेखर जेल के अंदर से ही एक बड़े आपराधिक गिरोह को चला रहा था।
उस पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों – जिनमें प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और कानून एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं – का रूप धरकर हाई-प्रोफाइल पीड़ितों से पैसे ऐंठने का भी आरोप था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस कथित गिरोह ने धोखाधड़ी वाली गतिविधियों और जबरन वसूली की योजनाओं के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपये कमाए थे।


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