Matka King में है दिलचस्प कॉन्सेप्ट, लेकिन ट्विस्ट की कमी ने किया निराश- देखें पूरा रिव्यू

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Matka King Review: OTT पर हर हफ्ते ढेरों फिल्में और वेब सीरीज़ रिलीज होती हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसी होती हैं जो दर्शकों के दिल में जगह बना पाती हैं। हाल ही में आई ‘मटका किंग’ ऐसी ही एक सीरीज़ है, जिसने अपने सब्जेक्ट और कहानी की वजह से लोगों का ध्यान खींचा है. 1960 के दशक में बॉम्बे (अब मुंबई) के बैकग्राउंड पर बनी ये कहानी उस समय की दुनिया को दिखाती है, जहां पैसा, किस्मत और सिस्टम मिलकर एक अलग ही खेल खेलते थे. Matka King Review: कहानी की झलक सीरीज़ की कहानी बृज भट्ट (विजय…

Matka King Review: OTT पर हर हफ्ते ढेरों फिल्में और वेब सीरीज़ रिलीज होती हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही ऐसी होती हैं जो दर्शकों के दिल में जगह बना पाती हैं। हाल ही में आई ‘मटका किंग’ ऐसी ही एक सीरीज़ है, जिसने अपने सब्जेक्ट और कहानी की वजह से लोगों का ध्यान खींचा है. 1960 के दशक में बॉम्बे (अब मुंबई) के बैकग्राउंड पर बनी ये कहानी उस समय की दुनिया को दिखाती है, जहां पैसा, किस्मत और सिस्टम मिलकर एक अलग ही खेल खेलते थे.

Matka King Review: कहानी की झलक

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Matka King Review (Source: Social Media)

सीरीज़ की कहानी बृज भट्ट (विजय वर्मा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शुरुआत में लालजीभाई (गुलशन ग्रोवर) के यहां एक साधारण कर्मचारी होता है। लेकिन बृज सिर्फ ऑर्डर मानने वाला इंसान नहीं है, वो सिस्टम को समझता है और मौके का फायदा उठाना जानता है। मटका के खेल के जरिए वो धीरे-धीरे इस दुनिया में अपनी पहचान बनाता है और आगे चलकर बड़ा नाम बन जाता है।

कहानी सिर्फ जुए तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे यह नेटवर्क क्रिकेट, राजनीति, मनोरंजन, मजदूरों और अंडरवर्ल्ड तक फैलता है। साथ ही एक खोजी पत्रकार का ट्रैक भी चलता है, जो इस पूरे खेल का पर्दाफाश करना चाहता है। इमरजेंसी के दौर की झलक भी देखने को मिलती है, हालांकि इसे ज्यादा विस्तार से नहीं दिखाया गया।

शुरुआत के एपिसोड काफी दिलचस्प हैं और दर्शक को अपनी ओर खींचते हैं, लेकिन आगे चलकर कहानी थोड़ी अनुमानित हो जाती है। ट्विस्ट और नएपन की कमी महसूस होती है, और कई जगह यह सामान्य क्राइम ड्रामा जैसा लगने लगता है।

Matka King Review: एक्टिंग

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Matka King Review (Source: Social Media)

विजय वर्मा इस सीरीज़ की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने बृज भट्ट के किरदार को संतुलित और प्रभावी ढंग से निभाया है। उनका सफर छोटे खिलाड़ी से बड़े नाम तक विश्वसनीय लगता है, हालांकि बाद के हिस्सों में उनके भाव थोड़े दोहराव वाले लगते हैं।

साई ताम्हणकर, जो उनकी पत्नी के रोल में हैं, को स्क्रीन टाइम तो अच्छा मिला है, लेकिन उनका किरदार ज्यादा असर नहीं छोड़ पाता। कृतिका कामरा का किरदार शुरुआत में आकर्षक लगता है, लेकिन आगे चलकर उसे भी गहराई नहीं मिलती।

सिद्धार्थ जाधव अपनी मौजूदगी से ध्यान खींचते हैं, जबकि गुलशन ग्रोवर की दमदार शुरुआत के बाद उनका रोल कमजोर पड़ जाता है। बाकी कलाकार भी ठीक हैं, लेकिन उन्हें खास पहचान बनाने का मौका नहीं मिलता।

Matka King On Amazon Prime: निर्देशन और स्क्रीप्ट राइटिंग

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Matka King Review (Source: Social Media)

निर्देशन में कुछ अच्छे पल जरूर हैं, खासकर मटका के खेल से जुड़े दृश्य प्रभावशाली लगते हैं। लेकिन पूरी सीरीज़ में एक जैसी पकड़ नहीं बन पाती। असली कमी लेखन और स्क्रीनप्ले में नजर आती है।

कहानी कई पहलुओं को छूने की कोशिश करती है—एक व्यक्ति का सफर, सिस्टम का विस्तार और समाज पर उसका असर—लेकिन इनमें से किसी को भी पूरी तरह विकसित नहीं किया गया। शुरुआत तेज है, लेकिन बीच के एपिसोड थोड़े खिंचे हुए लगते हैं और कई सबप्लॉट कहानी की गति धीमी कर देते हैं।

Matka King Music: म्यूजिक

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Matka King Review (Source: Social Media)

सीरीज़ का संगीत 60 के दशक का माहौल बनाने में मदद करता है। गाने और बैकग्राउंड स्कोर ठीक-ठाक हैं, लेकिन कोई भी ट्रैक लंबे समय तक याद नहीं रहता।

Matka King Review: देखें या नहीं?

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Matka King Review (Source: Social Media)

‘मटका किंग’ एक ऐसी सीरीज़ है जो अपनी दुनिया तो दिखाती है, लेकिन दर्शक को पूरी तरह उसमें डूबने नहीं देती। इसमें कुछ अच्छे पल और दिलचस्प किरदार हैं, लेकिन कहानी और मजबूत हो सकती थी।

अगर आप हल्की-फुल्की क्राइम ड्रामा सीरीज़ देखना चाहते हैं और पुराने दौर की मुंबई आपको आकर्षित करती है, तो इसे एक बार देखा जा सकता है। लेकिन अगर आप तेज रफ्तार, ट्विस्ट से भरी कहानी की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह सीरीज़ आपको पूरी तरह संतुष्ट नहीं करेगी।

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Rishabh Pandey

ऋषभ पांडे पिछले पांच साल से पत्रकारिता के फील्ड में काम कर रहे हैं, उन्होंने अपनी शुरुआत Zee News चैनल से की थी, इसके बाद उन्होंने News 24 में पॉलिटिकल, एंटरटेनमेंट न्यूज और क्राइम से जुड़ी खबरें लिखीं और बतौर प्रोड्यूसर भी एंटरटेनमेंट बीट पर काम किया, अब ऋषभ Punjab Kesari में एंटरटेनमेंट और स्पोर्टस बीट पर बतौर Sub Editor (हिंदी में) काम कर रहे हैं।