‘Bhooth Bangla’ में प्रियदर्शन से हुई ये बड़ी गलती, फिल्म देखने से पहले एक बार जरूर पढ़े ये रिव्यू

Bhoot Bangla Review

Bhoot Bangla Review: प्रियदर्शन और अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की जोड़ी ने 14 साल के लंबे इंतजार के बाद फिल्म ‘भूत बंगला’ (Bhooth Bangla) के जरिए एक साथ वापसी की है. ‘भूल भुलैया’, ‘भागम भाग’, ‘हेरा फेरी’ और ‘गरम मसाला’ जैसी कल्ट फिल्में दे चुके प्रियदर्शन और अक्षय अब कॉमेडी का डोज दोबारा देने के लिए आ चुके हैं. मंगलपुर की कहानी पर सेट हुई ‘भूत बंगला’ आपको 47 साल पुरानी कल्ट फिल्म ‘जानी दुश्मन’ (Jaani Dushman) की थोड़ी बहुत याद तो दिलाएगी. लेकिन, अक्षय की इस फिल्म का प्लॉट माइथोलॉजी और काला जादू से जोड़कर पेश किया गया है. तो चलिए एक बार जान लेते हैं कि फिल्म की कहानी, निर्देशन और कलाकारों का प्रदर्शन कैसा रहा है?

  • Film:Bhooth Bangla
  • Lead Actors:Akshay Kumar, Paresh Rawal, Asrani, Rajpal Yadav, Wamiqa Gabbi And Tabbu
  • Duration: 2 Hours 53 Minutes
  • Review: 3.5 Stars

Bhoot Bangla Review: क्या है फिल्म की कहानी?

Bhoot Bangla Review
Bhoot Bangla Review (Source: Social Media)

‘भूत बंगला’ की कहानी (Bhooth Bangla Story) की शुरुआत मंगलपुर से होती है, जहां राक्षस शादी के बाद नई नवेली दुल्हन को उठाकर ले जाता है, इसलिए मंगलपुर में ऐसा कहा जाता है कि शादी करना अपनी मौत को दावत देने जैसा है. प्लॉट भी एक दुल्हन के गायब होने से ही आता है, फिर कहानी लंदन में रहने वाले अर्जुन आचार्या (अक्षय कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कर्ज में डूबा हुआ है और पिता से मदद की भीख मांग रहा है.

Film Bhooth Bangla Review: फिल्म में क्या है खास?

Bhoot Bangla Review
Bhoot Bangla Review (Source: Social Media)

इसके बाद उसको ये पता चलता है कि मंगलपुर में दादा ने उसके नाम करोड़ों की हवेली छोड़ दी है. जिसकी वजह से वो दौड़ता हुआ मंगलपुर आता है और इतनी बड़ी हवेली देखकर फैसला करता है कि उसकी बहन की शादी उसी हवेली में होगी. हालांकि वहां के सभी लोग उसको राक्षस की कहानी सुनाकर शादी करवाने से मना करते हैं, लेकिन वो नहीं मानता. मगर जब तक उसे कुछ गड़बड़ का एहसास होता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है.

Bhoot Bangla Review: कैसी है भूत बंगला?

Bhoot Bangla Review
Bhoot Bangla Review (Source: Social Media)

‘भूत बंगला’ देखकर आपको प्रियदर्शन की पुरानी कल्ट कॉमेडी फिल्मों की याद आनी तो तय है, खासकर 2007 में आई ‘भूल भुलैया’ की और इसकी सबसे बड़ी वजह है फिल्म का लोकेशन. आपको बता दें कि ‘भूल भुलैया’ वाले बंगले में ही ‘भूत बंगला’ की भी शूटिंग हुई है, तो ऐसे में उस फिल्म को याद करना तो लाजमी बन जाता है. अगर फिल्म को लेकर बात करें तो इसका पहला पार्ट हंसी-ठिठोली से भरा हुआ है, हर सीन आपको हंसने पर मजबूर कर देंगे.

असरानी, परेश रावल, राजपाल यादव और अक्षय कुमार मिलकर पहले पार्ट में आपको हंसा-हंसाकर लोट-पोट कर देंगे, कुछ सीन्स तो मिस करने लायक नहीं हैं. लेकिन वहीं, कुछ डायलॉग्स को रीक्रिएट किया गया है. जिसे देखने के बाद हो सकता है कि आपको ये लगने लगे कि ये आप पहले भी देख चुके हो.

Bhooth Bangla OTT Release: कैसा है दूसरा हाफ?

Bhoot Bangla Review
Bhoot Bangla Review (Source: Social Media)

वहीं दूसरे हाफ को लेकर बात करें तो वो पहले वाले से थोड़ा स्लो है. दूसरे हाफ में आपको खूब हॉरर दिखेगा, साथ ही कहानी बैकड्रॉप में भी ले जाती है और फिर सारी स्टोरी समझाती है. सेकंड हाफ में हॉरर की कमी नहीं है, लेकिन कॉमेडी सिर्फ नाम की है. परेश रावल भी इस हाफ में काफी सुस्त पड़ जाते हैं और राजपाल यादव सिर्फ एक सीन में वापस आते हैं और असरानी की कमी तो खूब खलती है. इसी के साथ क्लाइमैक्स आपको ज्यादा पसंद नहीं आने वाला है.

Bhoot Bangla Review: कैसा है फिल्म का स्क्रीनप्ले?

Bhoot Bangla Review
Bhoot Bangla Review (Source: Social Media)

हालांकि लोगों को ‘भूत बंगला‘ का स्क्रीनप्ले कमजोर लगा है. क्योंकि हर किसी का यही कहना है कि जो भी चीजें दिखाई गई है, उसमें सिर्फ कहानी नई है लेकिन कॉमेडी और ह्यूमर वही पुराना वाला है. कहानी की शुरुआत तो अच्छे से होती है, लेकिन एंड होते-होते खूब सारा कन्फ्यूजन छोड़ जाती है. जैसे अक्षय को भूत क्यों दिखता है, इसका लॉजिक लोगों को कुछ रास नहीं आया है. कहानी में काफी लूप होल्स भी थे, लेकिन अगर आप एंटरटेंमेंट को तौर पर बिना लॉजिक के फिल्म को देखेंगे तो हो सकता है कि आपको फिल्म पसंद आ जाए.

Bhoot Bangla Review: कलाकारों का कैसा रहा प्रदर्शन?

Bhoot Bangla Review
Bhoot Bangla Review (Source: Social Media)

अगर कलाकारों को लेकर बात करें तो असरानी ने सबका दिल जीत लिया. पहले हाफ में उनका स्क्रीनटाइम काफी था और वो जब भी स्क्रीन पर आते हैं, दिल खुश कर देते हैं. लेकिन सेकंड हाफ में उनकी कमी खलती जरूर है. परेश रावल और राजपाल यादव ने भी फिल्म में अलग सी जान फूंकी है. अक्षय कुमार की परफॉर्मेंस भी काबिल-ए-तारीफ थी, उन्हें देखतकर सभी को 2000 के दशक वाले अक्षय की याद आ गई. लेकिन बात वहीं पर आकर अटक रही थी कि लोगों को ये लग रहा था कि उन्होंने ये सरी चीजें पहले भी देखी हैं.

ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि इन आइकॉनिक कलाकारों के चलते ‘भूत बंगला’ बिना लॉजिक के देखने लायक तो है. पर याद रहे कि आप इसे ज्यादा दिमाग लगाकर ना ही देखें तो अच्छा है.

Read More: बॉक्सर नीरज गोयट ने Pulkit Samrat और Divyendu Sharma को बेरहमी से मारा!, जानें वायरल वीडियो का सच

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Make Punjab Kesari Your Trusted News Source

Related Posts

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।