दिग्गज एक्टर और समाजसेवी नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत के साथ-साथ उनके चाहने वालों में भी शोक की लहर है। 75 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर वह बेहोशी की हालत में पाए गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
नाना पाटेकर जितने चर्चित अपने एक्टिंग और दमदार डायलॉग्स के लिए रहे, उतनी ही सादगी से उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ को पब्लिकली चर्चा से दूर रखा। उनके परिवार में पत्नी, बेटा, माता-पिता और भाई शामिल रहे। तो आइए आज जानते हैं उनके परिवार के कौन कौन है और वो लोग क्या करते हैं।
Nana Patekar Family: 1978 में नीलकांति पाटेकर से हुई थी शादी

नाना पाटेकर ने साल 1978 में नीलकांति पाटेकर के साथ शादी की थी। दोनों लंबे समय तक पति-पत्नी के रूप में साथ रहे, लेकिन बाद के सालों में दोनों अलग-अलग रहने लगे। हालांकि, अपने पर्सनल रिश्ते को लेकर नाना और नीलकांति ने ऑफिशियल तौर पर ज्यादा बात नहीं की। दोनों के बेटे मल्हार पाटेकर हैं, जो फिल्म निर्माण और निर्देशन की फील्ड से जुड़े रहे हैं।
Nana Patekar Children Name: बेटे को खोने का दर्द भी झेला

नाना पाटेकर की जिंदगी में एक बेहद दुखद दौर तब आया, जब उन्होंने अपने छोटे बेटे दुर्वासा को खो दिया। जन्म के करीब ढाई साल बाद बीमारी की वजह से दुर्वासा का निधन हो गया था। इस घटना ने नाना के पर्सनल लाइफ पर गहरा असर डाला। बाद में उनके बेटे मल्हार उनके परिवार का हिस्सा रहे और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े।
पिता टेक्सटाइल कारोबार से जुड़े थे

आपको बता दें कि नाना पाटेकर का जन्म महाराष्ट्र में एक नॉर्मल परिवार में हुआ था। उनके पिता गजानंद पाटेकर टेक्सटाइल के कारोबार से जुड़े थे। नाना ने अपने शुरुआती जीवन में स्ट्रगल देखा और इसी एक्सपीरिएंस ने आगे चलकर उनके पर्सनेलिटी और एक्टिंग को भी गहराई दी। उनकी मां निर्मला पाटेकर का जनवरी 2019 में 99 साल की उम्र में निधन हुआ था। नाना के दो भाई भी थे—अशोक पाटेकर और दिलीप पाटेकर।
एक्टिंग के साथ समाजसेवा में भी बनाई पहचान

नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ एक एक्टर के तौर पर नहीं थी। उन्होंने समाजसेवा की फील्ड में भी काफी अहम काम किया। महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में जल संरक्षण और वॉटरशेड मैनेजमेंट के लिए उन्होंने काम किया। ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए उन्होंने किसानों और ग्रामीण परिवारों की मदद करने की दिशा में कई पहल कीं। आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को मदद पहुंचाने की उनकी कोशिशों की भी काफी सराहना हुई।
नाना के निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी उनके सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महाराष्ट्र में जल संरक्षण और जरूरतमंद किसान परिवारों की मदद के लिए नाना ने जो काम किया, वह बेहद अहम था।
विरासत में सिर्फ फिल्में नहीं, समाजसेवा भी

नाना पाटेकर ने पर्दे पर कई यादगार किरदार निभाए और एक्टिंग की फील्ड में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। लेकिन उनके जीवन का दूसरा पहलू भी उतना ही जरूरी रहा—जरूरतमंदों की मदद और समाज के लिए काम करना। एक एक्टर के तौर पर उन्होंने दर्शकों के दिलों में जगह बनाई, वहीं समाजसेवी के रूप में उन्होंने उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश की, जिन्हें मदद की जरूरत थी।
उनके निधन के बाद उनके परिवार, फिल्मों और सामाजिक कामों की यादें ही उनकी विरासत का हिस्सा रहेंगी। एक कलाकार का पर्दे से चले जाना फिक्सड है, लेकिन उसके किरदार और समाज के लिए किए गए काम लंबे समय तक याद किए जाते हैं।


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