Sony Sab Actors Celebrates Holi: होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह एक्साइटमेंट, एकता और अपने लव वन्स के साथ बिताए गए पलों का उत्सव है. रंगों की मस्ती, ठहाकों से गूंजता एन्वायरमेंट, बचपन की यादें, परिवार के साथ मिलन, संगीत की धुनें और खानों से सजी थालियां, ये वो दिन है जब सारी दुश्मनी मिट जाती हैं और अपनापन सबके मन में आ जाता है. इस साल सोनी सब के कलाकार करुणा पांडे, दीक्षा जोशी, ऋषि सक्सेना और श्रेनु पारिख ने शेयर किया है कि उनके लिए होली का क्या मतलब है. दिल से जुड़ी यादों से लेकर उन परंपराओं तक, जो हर साल इस त्योहार को खास बनाती हैं.
1. Karuna Pandey

पुष्पा इम्पॉसिबल में करुणा पांडे पुष्पा का किरदार निभा रही हैं, उनका होली पर कहना है कि “मेरी सबसे मज़ेदार होली की याद स्कूल के दिनों की है, जब मेरे पिता शिलॉन्ग में पोस्टेड थे। माँ ने हमें केवल एक-दो घंटे खेलने को कहा था, लेकिन हम सुबह से शाम तक रंगों में डूबे रहे. जब माता-पिता हमें ढूँढने आए, तो पहचान ही नहीं पाए कि उनका बच्चा कौन है. हम काले और हरे रंग में पूरी तरह ढके हुए छोटे-छोटे भूत जैसे लग रहे थे! आज भी वह याद मुझे मुस्कुराने पर मजबूर कर देती है. वही बेफिक्र खुशी मेरे लिए होली का असली मतलब है.”
2.Rishi Saxena

इत्ती सी खुशी में संजय का किरदार निभा रहे ऋशी सक्सेना का कहना है कि “बचपन में होली वह दिन था जब हमें खुलकर शरारत करने की आज़ादी मिलती थी और डाँट नहीं पड़ती थी. मुझे याद है कि हम पहले से तय करते थे कि किस दोस्त को निशाना बनाना है और फिर भागने का नाटक करते थे, लेकिन लौटते समय रंगों से भरी बाल्टी लेकर आते थे. दिन के अंत तक कोई पहचान में नहीं आता था और असली संघर्ष घर पर शुरू होता था, जब रंग कई दिनों तक नहीं उतरते थे.
मुझे लगता है मैंने रंग लगाने से ज़्यादा समय उन्हें छुड़ाने में बिताया है! उतनी ही गहरी याद है घर लौटकर ताज़ा गुजियों की खुशबू. उत्तर भारत में होली गुजियों के बिना अधूरी लगती है, आज भी जब होली याद आती है, तो वही बेफिक्र मस्ती आँखों के सामने आ जाती है. यह एक ऐसा त्योहार है जिसमें आप पूरी तरह बच्चे बन सकते हैं.”
3. Diksha Joshi

पुष्पा इम्पॉसिबल में दीप्ति का किरदार निभा दिक्षा जोशी बताती हैं कि “पिछले कुछ वर्षों से मैं मुंबई में होली मना रही हूं. हम अक्सर माध आइलैंड, रहेजा टाउनशिप जाते हैं, जहाँ करीबी दोस्त इकट्ठा होते हैं. वहां रंग, संगीत और हँसी का माहौल होता है, लेकिन मुझे घर की बनी गुजिया और पुए की बहुत याद आती है, खासकर पहाड़ी परिवारों द्वारा होली और दिवाली पर बनाए गए खानों की.
उन स्वादों में कुछ ऐसा है जो तुरंत घर की याद दिला देता है, मुझे रंगों से खेलना अच्छा लगता है, लेकिन मैं हर्बल रंगों को प्राथमिकता देती हूँ और त्योहार को आनंद और गरिमा के साथ मनाना पसंद करती हूं. मेरे लिए होली का मतलब है, मस्ती करना लेकिन त्योहार की गरिमा बनाए रखना.”
4. Shrenu Paarikh

गणेश कार्तिकेय में पार्वती का किरदार निभा रही श्रेनु पारिख होली पर कहती हैं कि “मेरे लिए होली हमेशा घर और बैकग्राउंड में बजता हुआ संगीत रही है. वडोदरा में होली केवल चेहरे पर रंग लगाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि हम हफ्तों पहले दिन की योजना बनाते थे.
दोस्तों के साथ तय करते थे कि क्या पहनना है, यह जानते हुए कि एक घंटे में सब खराब हो जाएगा. दोपहर तक हम सब पहचान में नहीं आते थे, एक-दूसरे पर हँसते, मिठाइयाँ बाँटते और दिन खत्म होने नहीं देते थे. मुझे याद है कि घर लौटते समय बालों में रंग कई दिनों तक रहता था, गालों पर जमी जिद्दी गुलाबी रंग की परत मानो सम्मान का प्रतीक लगती थी. आज भी होली मुझे वही शुद्ध और बेफिक्र खुशी की याद दिलाती है.”
देखिए इत्ती सी खुशी, गणेश कार्तिकेय और पुष्पा इम्पॉसिबल सिर्फ सोनी सब पर.
Read More: Rashmika और Vijay की शादी के फंक्शन शुरू, दूल्हे राजा ने शेयर की तस्वीरें


Download Android App
Download iOS App




