एक बहस ने खड़ी कर दी OLA Company! कौन हैं भाविश अग्रवाल जिनके आइडिया ने आसान बना दिया लोगों का सफर

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Bhavish Aggarwal Success Story: आज के समय में अगर सुबह ऑफिस जाना हो और बाहर तेज बारिश या कड़ी धूप हो, तो सबसे पहला ख्याल कैब बुक करने का आता है। लोग मोबाइल में ऐप खोलते हैं, कुछ सेकंड में राइड बुक होती है और गाड़ी घर के दरवाजे पर आ जाती है। भारत में ऐसी कैब सर्विस में सबसे ज्यादा भरोसा लोग OLA पर करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ओला इतनी बड़ी कंपनी कैसे बनी? इसके पीछे कितनी मेहनत और संघर्ष छुपा है? आज हम आपको ओला की शुरुआत और उसके सफर की पूरी कहानी…

Bhavish Aggarwal Success Story: आज के समय में अगर सुबह ऑफिस जाना हो और बाहर तेज बारिश या कड़ी धूप हो, तो सबसे पहला ख्याल कैब बुक करने का आता है। लोग मोबाइल में ऐप खोलते हैं, कुछ सेकंड में राइड बुक होती है और गाड़ी घर के दरवाजे पर आ जाती है। भारत में ऐसी कैब सर्विस में सबसे ज्यादा भरोसा लोग OLA पर करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ओला इतनी बड़ी कंपनी कैसे बनी? इसके पीछे कितनी मेहनत और संघर्ष छुपा है? आज हम आपको ओला की शुरुआत और उसके सफर की पूरी कहानी बताते हैं।

Who is Bhavish Aggarwal: एक आम समस्या से जन्मा बड़ा आइडिया

ओला के संस्थापक भाविश अग्रवाल हैं। वे आईआईटी से पढ़े हुए इंजीनियर हैं। साल 2010 की बात है, जब भाविश किसी काम से कैब में सफर कर रहे थे। उस दौरान कैब ड्राइवर ने उनसे ज्यादा किराया मांग लिया। इस बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। यह एक छोटी सी घटना थी, लेकिन यहीं से एक बड़े बिजनेस आइडिया ने जन्म लिया। भाविश ने सोचा कि अगर उन्हें यह परेशानी हो रही है, तो देश में लाखों लोग रोज ऐसी दिक्कत झेलते होंगे। तभी उनके मन में एक ऐसी कैब सर्विस शुरू करने का विचार आया, जहां किराया तय हो और ग्राहकों को परेशानी न हो।

Bhavish Aggarwal Success Story ( credit S-M)
Bhavish Aggarwal Success Story ( credit S-M)

Bhavish Aggarwal Success Story: दोस्त के साथ शुरू की कंपनी

भाविश ने यह आइडिया अपने दोस्त अंकित भाटी के साथ शेयर किया। दोनों ने मिलकर इस पर काम करने का फैसला किया। जब भाविश ने अपने परिवार को इसके बारे में बताया, तो घरवालों को शुरुआत में यह छोटा बिजनेस लगा। उन्हें लगा कि एक आईआईटी पास छात्र को इससे बेहतर नौकरी करनी चाहिए। लेकिन भाविश अपने फैसले पर डटे रहे। साल 2010 में भाविश अग्रवाल और अंकित भाटी ने मिलकर ओला कंपनी की नींव रखी। शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन उनका विजन बहुत बड़ा था।

CEO of Ola Cabs: फंडिंग की नहीं हुई कमी

जब कंपनी का आइडिया मजबूत हो, तो निवेशक खुद आगे आते हैं। भाविश ने अपने आइडिया को कई इन्वेस्टर्स के सामने रखा। धीरे-धीरे कंपनी को अलग-अलग फंडिंग राउंड में हजारों करोड़ रुपये का निवेश मिला। इसमें कई बड़े निवेशक शामिल थे। मजबूत प्लान और बढ़ते यूजर बेस की वजह से ओला को फंडिंग की ज्यादा परेशानी नहीं हुई।

Bhavish Aggarwal Success Story ( credit S-M)
Bhavish Aggarwal Success Story ( credit S-M)

ऐप लॉन्च होते ही मिली जबरदस्त सफलता

फंडिंग मिलने के बाद ओला का ऐप लॉन्च किया गया। ऐप यूजर के लिए आसान था और ड्राइवरों के लिए भी फायदेमंद साबित हुआ। कुछ ही महीनों में लाखों लोगों ने इस ऐप को डाउनलोड किया। आज ओला भारत के कैब बाजार का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा संभालती है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल में भी रखा कदम

कैब सर्विस में सफलता के बाद भाविश अग्रवाल ने भविष्य की जरूरत को समझा और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में कदम रखा। ओला ने इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किया, जिसकी पहले से ही प्री-बुकिंग शुरू कर दी गई थी। लोगों का रिस्पॉन्स इतना शानदार रहा कि स्कूटर की डिलीवरी के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ा।

Bhavish Aggarwal Success Story ( credit S-M)
Bhavish Aggarwal Success Story ( credit S-M)

मेहनत और सोच से मिली सफलता

ओला की कहानी यह सिखाती है कि एक छोटी सी समस्या भी बड़ा अवसर बन सकती है। सही सोच, मेहनत और हिम्मत के साथ कोई भी इंसान बड़ा मुकाम हासिल कर सकता है। भाविश अग्रवाल की यह यात्रा आज के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।