भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच ब्रिटेन की ब्रोकरेज कंपनी बार्कलेज ने बुधवार को चेतावनी दी कि लोगों के एकांत में रहने जैसे निवारक उपायों के चलते आर्थिक वृद्धि में दो प्रतिशत तक की कमी हो सकती है। गौरतलब है कि अर्थव्यवस्था पहले ही दबाव का समाना कर रही है।
बार्कलेज ने अपनी टिप्पणी में कहा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी और इसके प्रभाव के चलते वृद्धि में आधा प्रतिशत तक मजबूती का अनुमान है। भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और मंगलवार तक इनकी संख्या बढ़कर 61 हो गई है। ताजा मामले पुणे और बेंगलुरु से सामने आए हैं।
इस महामारी से पहले ही सरकारी आंकड़ों के मुताबिक आर्थिक वृद्धि दर दशक में सबसे कम पांच प्रतिशत तक आ गई है। बार्कलेज ने कोरोना वायरस से भारत पर होने वाले असर के बारे में कहा कि हमारा मानना है कि वृद्धि के लिए सबसे बड़ा जोखिम लोगों के जमा होने पर रोक या आवाजाही की पाबंदी, और संबंधित उपभोक्त व्यय, निवेश और सेवा गतिविधियों में कमी के कारण है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे निवेश गतिविधियां प्रभावित होंगी और निवारक उपायों के चलते वृद्धि को कुल दो प्रतिशत तक झटका लग सकता है।वाहन उत्पादन पर भी दिखेगा असर वाहन उद्योग के संगठन सियाम ने बुधवार को कहा कि चीन में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते भारत में सभी श्रेणियों में वाहन उत्पादन गंभीर रूप से प्रभावित होने की आशंका है क्योंकि वाहन विनिर्माता अपना करीब 10 प्रतिशत कच्चा माल पड़ोसी देश से मंगाते हैं।
सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा ने एक बयान में कहा कि ऑटो उद्योग ने चीन के नए साल में होने वाली छुट्टियों के चलते पहले ही माल जमा कर लिया था, लेकिन अब अवरोध के लंबा चलने के कारण बीएस-6 वाहनों के लिए आपूर्ति प्रभावित होने का अंदेशा है। सियाम ने कहा है कि इन कलपुर्जों की आपूर्ति प्रभावित होने से सभी श्रेणियों जैसे कि यात्री वाहन, वाणिज्यिक वाहन, तिपहिया, दोपहिया और इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि विनिर्माता अपनी आपूर्ति श्रृंखला की मांग को पूरा करने के लिए वैकल्पिक इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन इससे उत्पादन के स्तर को पहले जैसा बनाने में पर्याप्त समय लगेगा क्योंकि इन कलपुर्जों के लिए नियामक परीक्षण की जरूरत होगी।
इस बीच जर्मनी की वाहन विनिर्माता बीएमडब्ल्यू इंडिया ने कहा है कि उसके भारतीय परिचालन में जून तक आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा नहीं आएगी। बीएमडब्ल्यू इंडिया के अध्यक्ष और सीईओ रुद्रतेज सिंह ने बताया कि इस समय हम अच्छी स्थिति में हैं और अगली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए भी तैयार हैं।


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