भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के पुराने योद्धा सुनील मित्तल ने बृहस्पतिवार को कहा कि बाजार में दूरसंचार कारोबार के नए समायोजना के चलते करीब 50 अरब के निवेश को बट्टे खाते में डालना पड़ा है और बड़ी संख्या में नौकरियां गयी है। समायोजना में कई कंपनियां बंद हो गयी हैं और कुछ का विलय या अधिग्रहण हो चुका है। मित्तल भारती एयरटेल के चेयरमैन हैं।
उन्होंने कहा कि देश के डिजिटल लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान कर रहा है पर इस क्षेत्र पर सिगरेट उद्योग की तरह बहुत अधिक कर है। सुनील मित्तल ने कहा कि भारत में मोबाइल सेवा प्रदाताओं द्वारा अर्जित किये जाने वाले हर 190 रुपये में से करीब 37 रुपये किसी ना किसी तरह के शुल्क के रूप में चले जाते हैं। मुझे समझ में नहीं आ रहा कि यह विरोधाभास क्यों है।


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