विदेशी निवेशक भारतीय बॉन्ड में जमकर निवेश कर रहे हैं। ये निवेश ऐसे समय पर किया जा रहा है जब इस महीने के अंत में भारतीय बॉन्ड्स को ग्लोबल इंडेक्स में शामिल किया जाना है। पिछले वर्ष सितंबर से अब तक भारतीय बॉन्ड्स में 10 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश आ चुका है।
- विदेशी निवेशक भारतीय बॉन्ड्स में जमकर निवेश कर रहे हैं
- पिछले वर्ष सितंबर से अब तक बॉन्ड्स में 10 अरब डॉलर का निवेश हुआ
- भारतीय बॉन्ड्स उभरते बाजारों की इंडेक्स में 28 जून से होंगें शामिल
बॉन्ड इंडेक्स में 28 जून से शामिल होंगें भारतीय बॉन्ड्स
जेपी मॉर्गन की घोषणा के मुताबिक, भारतीय बॉन्ड्स को उभरते हुए बाजारों की बॉन्ड इंडेक्स में 28 जून से शामिल किया जाना है। क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, ग्लोबल फंड्स की ओर से 18 जून तक करीब 7,350 करोड़ रुपये का निवेश भारतीय बॉन्ड मार्केट में किया जा चुका है। ये आंकड़ा मई में 5,200 करोड़ रुपये पर था। हालांकि, अप्रैल में उनकी ओर से करीब 9,830 करोड़ रुपये की बिकवाली बॉन्ड मार्केट में की गई थी। भारतीय बॉन्ड मार्केट में आ रहा निवेश बॉन्ड यील्ड को कम रखने में ऐसे समय पर मदद कर रहा है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की गठबंधन सरकार केंद्र में बनी है।
सरकारी बॉन्ड यील्ड में 8 आधार अंक की हुई गिरावट
इस महीने के उच्चतम स्तर से 10 वर्ष की सरकारी बॉन्ड यील्ड में 8 आधार अंक की गिरावट हुई है और यह 6.98 प्रतिशत रही है। जानकारी के मुताबिक, जेपी मॉर्गन के बाद ब्लूमबर्ग इंडेक्स सर्विसेज की ओर से भी कुछ भारतीय बॉन्ड को अगले वर्ष की शुरुआत से उसकी उभरते हुए बाजारों की लोकल करेंसी इंडेक्स में शामिल किया जाना है।


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