RBI Action: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियामक चूक और RBI के विभिन्न निर्देशों का पालन न करने पर तीन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है।
RBI का तीन NBFC पर एक्शन
शुक्रवार को RBI की अधिसूचनाओं में बताया गया कि 3 सितंबर से 11 सितंबर, 2024 के बीच जारी किए गए ये जुर्माने हेवलेट पैकर्ड फाइनेंशियल सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, SMFG इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड और मुथूट व्हीकल एंड एसेट फाइनेंस लिमिटेड पर लगाए गए हैं।
तीन NBFC पर मौद्रिक जुर्माना लगाया
3 सितंबर, 2024 को RBI ने हेवलेट पैकर्ड फाइनेंशियल सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड पर 10,40,000 रुपये का जुर्माना लगाया। यह कार्रवाई 31 मार्च, 2022 तक कंपनी की वित्तीय स्थिति के आधार पर RBI द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद की गई। यह जुर्माना ‘अपने ग्राहक को जानें (KYC)’ दिशा-निर्देशों और प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण गैर-जमा-स्वीकार करने वाली NBFC पर लागू अन्य निर्देशों का पालन न करने के कारण लगाया गया था।
धारा 58 B की उप-धारा (5) के खंड
RBI ने कहा, “यह जुर्माना भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 58 B की उप-धारा (5) के खंड (aa) के साथ धारा 58 G की उप-धारा (1) के खंड (b) के प्रावधानों के तहत RBI को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।” 4 सितंबर, 2024 को, SMFG इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड (जिसे पहले फुलर्टन इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) पर RBI के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और साइबर सुरक्षा दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए 23,10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
आरबीआई के अनुसार, अप्रैल 2023 में नियंत्रण अंतराल मूल्यांकन के दौरान, उसने पाया कि कंपनी आउटसोर्स विक्रेताओं के साथ अपने अनुबंधों में निगरानी और निरीक्षण के प्रावधानों को शामिल करने में विफल रही, नेटवर्क और सुरक्षा प्रणालियों के लिए आईएस ऑडिट करने की उपेक्षा की, और महत्वपूर्ण ऑडिट लॉग को बनाए नहीं रखा। आरबीआई ने कहा, “भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 4 सितंबर, 2024 के एक आदेश द्वारा एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड (जिसे पहले फुलर्टन इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) (कंपनी) पर कुछ प्रावधानों का पालन न करने के लिए 23,10,000/- रुपये (केवल तेईस लाख दस हजार रुपये) का मौद्रिक जुर्माना लगाया है।” 11 सितंबर, 2024 को, मुथूट व्हीकल एंड एसेट फाइनेंस लिमिटेड को आरबीआई के तरलता जोखिम प्रबंधन ढांचे और अन्य प्रासंगिक दिशानिर्देशों का पालन करने में विफल रहने के लिए 7,90,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। RBI के अनुसार, वैधानिक निरीक्षण से पता चला कि कंपनी अपनी वेबसाइट पर अपने लिक्विडिटी कवरेज अनुपात (LCR) का खुलासा करने में विफल रही, क्रेडिट सूचना कंपनियों को ग्राहक डेटा जमा नहीं किया, और वाहन ऋण उधारकर्ताओं को स्थानीय भाषा में ऋण स्वीकृति पत्र जारी करने में विफल रही। प्रत्येक मामले में, RBI ने स्पष्ट किया कि दंड केवल विनियामक अनुपालन कमियों पर आधारित थे और किसी भी लेनदेन या समझौतों की वैधता पर निर्णय नहीं थे। यदि आवश्यक समझा जाता है तो RBI इन कंपनियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर सकता है।
(Input From ANI)


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