RBI Central Board Meeting: नई दिल्ली स्थित आरबीआई भवन में आज यानी सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की 61वीं बैठक में हुई। इस दौरान बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी हिस्सा लिया। वहीं बैठक में आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा भी मौजूद रहे। बैठक के बाद वित्त मंत्री ने मीडिया से बातचीत की और कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
RBI Central Board Meeting: अमेरिका के आयात शुल्क पर क्या बोलीं वित्त मंत्री?

हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए व्यापक आयात शुल्क के खिलाफ फैसला सुनाया। इसके बाद ट्रंप ने 24 फरवरी से भारत समेत कई देशों पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की। अगले ही दिन इस शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया।
जब पत्रकारों ने इन टैरिफ बदलावों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित असर पूछा, तो सीतारमण ने कहा कि इस समय कोई ठोस टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार से जुड़े मामलों की समीक्षा वाणिज्य मंत्रालय कर रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रतिनिधिमंडल स्थिति का आकलन करेगा और आगे की बातचीत के लिए सही समय तय करेगा। ऐसे में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
Nirmala Sitharaman RBI Central Board Meeting: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर अपडेट

सूत्रों के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए वॉशिंगटन में होने वाली बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है। यह बैठक मुख्य वार्ताकारों के स्तर पर होनी थी।
वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दर्पण जैन इस समझौते के लिए भारत की ओर से मुख्य वार्ताकार की भूमिका निभा रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का व्यापार समझौतों को लेकर रुख स्पष्ट और सकारात्मक है। देश पहले ही कई देशों के साथ व्यापार समझौते कर चुका है और आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
Indian Economy Impact: अन्य देशों के साथ समझौते
सीतारमण ने बताया कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य भारतीय व्यापार और निर्यात को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक व्यापार में अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
Gold and Silver Imports: सोने और चांदी के आयात पर चर्चा
सोने और चांदी के बढ़ते आयात को लेकर भी सवाल पूछे गए। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि फिलहाल सोने और चांदी का आयात चिंताजनक स्तर पर नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक इस पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने यह भी बताया कि सोने की कीमतों में हालिया तेजी का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोने की खरीदारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग के कारण दाम ऊपर जा रहे हैं। हालांकि, भारत की आर्थिक स्थिति पर इसका कोई असामान्य दबाव नहीं है।
RBI गवर्नर का बयान
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी बैठक के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि भविष्य में ब्याज दरों को लेकर लिया जाने वाला निर्णय महंगाई और आर्थिक वृद्धि की स्थिति पर निर्भर करेगा। अगर महंगाई और विकास दर में बदलाव आता है, तो उसी के अनुसार नीतिगत कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सोने के आयात को लेकर फिलहाल कोई विशेष चिंता की बात नहीं है। भारत का बाहरी क्षेत्र मजबूत बना हुआ है और चालू खाता घाटा भी नियंत्रण में है। इससे यह संकेत मिलता है कि देश की आर्थिक बुनियाद स्थिर है।
Interest Rate Decision: बैठक के दौरान इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, व्यापारिक चुनौतियों और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर विस्तार से चर्चा हुई। वित्त मंत्री और आरबीआई गवर्नर दोनों ने संकेत दिया कि सरकार और केंद्रीय बैंक स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं। अमेरिका द्वारा आयात शुल्क में किए गए बदलावों के बावजूद भारत फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए है।
आने वाले दिनों में व्यापार वार्ताओं और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। कुल मिलाकर, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वह संतुलित और सोच-समझकर कदम उठाएगी, ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था पर किसी भी बाहरी दबाव का असर कम से कम हो।


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