नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को 2,654.40 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में वड़ोदरा स्थित डायमंड पॉवर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (डीपीआईएल) कंपनी की 1,122 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त कर ली। ईडी ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत डायमंड पॉवर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों-निदेशकों-सुरेश नारायण भटनागर, उनके दोनों बेटों अमित सुरेश भटनागर व सुमित सुरेश भटनागर की कुछ संपत्तियों को भी जब्त किया है। डीपीआईएल केबल व दूसरे बिजली के उपकरणों के व्यापार से जुड़ी है।
डीपीआईएल पर कथित तौर पर साल 2008 से धोखाधड़ी से उधार की सुविधा का लाभ लेने का आरोप है। कंपनी पर 29 जून, 2016 तक 2,654.40 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है, जिसे बैंकों के एक संघ व निजी संगठन द्वारा मंजूर किया गया था। सीबीआई ने 26 मार्च को डीपीआईएल व इसके निदेशकों के खिलाफ 11 बैंकों के संघ के साथ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। लिए गए कर्ज को 2016-17 में गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) घोषित किया गया था।
बैंकों के संघ द्वारा कर्ज सीमा की मंजूरी के समय यह कंपनी एसबीआई की डिफाल्टरों की सूची में तथा एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्प ऑफ इंडिया की सतर्कता सूची में शामिल थी, फिर भी यह मियादी कर्ज व ऋण सुविधा हासिल करने में सफल रही थी।
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