नई दिल्ली : चालू रबी सत्र में देश का गेहूं उत्पादन 10 करोड़ टन के स्तर को लांघ सकता है। यह इसका सर्वकालिक उच्चस्तर होगा। इस वृद्धि का कारण चालू रबी सत्र में सर्दियों के दौरान मौसम अच्छा रहना है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने वृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। फसल वर्ष 2017-18 (जुलाई-जून) में गेहूं का उत्पादन रिकॉर्ड नौ करोड़ 97 लाख टन का हुआ था।
कृषि आयुक्त एस के मल्होत्रा ने यहां कहा कि हमें राज्य सरकारों से मिल रही सूचनाओं के आधार पर गेहूं की पैदावार के 10 करोड़ टन के स्तर को पार कर जाने की उम्मीद है। वह कृषि सम्मेलन/ग्रीष्मकालीन अभियान 2019 पर राष्ट्रीय सम्मेलन के मौके पर बोल रहे थे। मल्होत्रा ने कहा कि देश में मौसम की स्थिति प्रमुख रबी फसल, गेहूं के लिए अनुकूल रही है। केंद्र जल्द ही वर्ष 2018-19 की रबी फसलों के लिए उत्पादन अनुमान की घोषणा करेगा।
खेती का रकबा करीब आठ लाख हेक्टेयर घटकर अभी तक 296 लाख हेक्टेयर ही है लेकिन इस कमी के बावजूद गेहूं की पैदावार बढ़ने की उम्मीद है। सरकार ने उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना समर्थन मूल्य तय करने के अपने फैसले के अनुरूप गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को 1,735 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1,840 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।


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