chhattisgarh liquor scam : ED ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को किया गिरफ्तार, 2,883 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप

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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था में हेरफेर कर 2,883 करोड़ रुपये का घोटाला किया।

chhattisgarh liquor scam

chhattisgarh liquor scam : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। रायपुर जोनल ऑफिस में कई घंटों की लंबी पूछताछ के बाद केंद्रीय एजेंसी ने यह कदम उठाया।

ईडी का दावा है कि साल 2019 से 2023 के बीच राज्य के आबकारी महकमे को मोहरा बनाकर शराब सिंडिकेट के जरिए करीब 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई।

बता दें, राम गोपाल अग्रवाल 1980 में कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे। वर्ष 2013 में उन्हें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (CG PCC) का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वे पार्टी के एक लंबे समय तक सक्रिय और वरिष्ठ पदाधिकारी रहे हैं।

करोड़ों की वसूली मामला

इस हाई-प्रोफाइल मामले में ईडी की तफ्तीश राज्य की एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा (EOW/ACB) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी के मुताबिक कारोबारी अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अफसर अनिल टुटेजा की अगुवाई वाले सिंडिकेट ने आबकारी व्यवस्था में जमकर साठगांठ की। फर्जी और बिना हिसाब-किताब वाली शराब की बिक्री, शराब खरीद की दरों में हेरफेर और चुनिंदा कारोबारियों को एफएल-10ए लाइसेंस बांटकर करोड़ों की मोटी रकम वसूली गई।

1,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क

हाल ही में ईडी ने इस केस में कड़ा शिकंजा कसते हुए 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की परिसंपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के जरिए सीज किया था।

एजेंसी का आरोप है कि विकास अग्रवाल ने सिंडिकेट के लिए मुख्य फाइनेंशियल हैंडलर के तौर पर काम किया, जो डिस्टिलरीज से कमीशन का पैसा जुटाकर अनवर ढेबर तक पहुंचाता था। इस मामले में ढेबर की ‘ढेबार सिटी होम्स’ और शेल कंपनियों के नाम दर्ज करोड़ों की बेनामी जमीनें अटैच की जा चुकी हैं।

गोवा का प्रीमियम होटल और कंपनियों के शेयर सीज

जांच में यह खुलासा भी हुआ है कि घोटाले की काली कमाई का इस्तेमाल गोवा के अंजुना स्थित प्रीमियम ‘होटल वेस्टिन’ को खरीदने में किया गया। लगभग 110 करोड़ रुपये की कीमत वाले इस होटल को कैश ट्रांसफर के जरिए खरीदा गया था।

इसके अलावा, तीन एफएल-10ए लाइसेंसधारी कंपनियों ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्स्टजेन पावर से डरा-धमकाकर 50 से 60 फीसदी मुनाफा ऐंठा गया था।

ईडी ने इन फर्मों के करीब 51 करोड़ रुपये के बैंक खाते और शेयर जब्त किए हैं। एजेंसी ने रायपुर की विशेष अदालत में छठी पूरक चार्जशीट भी दाखिल कर दी है, जिसमें कई नए नामों का पर्दाफाश हुआ है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।