बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में दशकों बाद लगे 728 टावर, नक्सलवाद से निपटने में हो रहे मददगार

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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से निपटने के लिए संचार तंत्र अब एक मजबूत कवच बन गया है। बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ गांव में पहले नेटवर्क पहुंच नहीं पाता था, वहीं मोबाइल गतिविधियां शून्य थी। वहां अब मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। जिससे बस्तर के आदिवासी ग्रामीण अब संचार तकनीक से सीधे जुड़ जाएंगे। बस्तर क्षेत्र में अब तक 728 मोबाइल टावर लगा दिए गए हैं। यह सुविधा नक्सलवाद से निपटने में भी मददगार साबित हो रही है। Mobile Tower Installed At Bastar: नेटवर्क की वजह से नक्सली सीधे ट्रेस होने लगे हैं वहीं मोबाइल टावर ने सुरक्षा बलों…

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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से निपटने के लिए संचार तंत्र अब एक मजबूत कवच बन गया है। बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ गांव में पहले नेटवर्क पहुंच नहीं पाता था, वहीं मोबाइल गतिविधियां शून्य थी। वहां अब मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। जिससे बस्तर के आदिवासी ग्रामीण अब संचार तकनीक से सीधे जुड़ जाएंगे। बस्तर क्षेत्र में अब तक 728 मोबाइल टावर लगा दिए गए हैं। यह सुविधा नक्सलवाद से निपटने में भी मददगार साबित हो रही है।

Mobile Tower Installed At Bastar: नेटवर्क की वजह से नक्सली सीधे ट्रेस होने लगे हैं

वहीं मोबाइल टावर ने सुरक्षा बलों की ताकत को भी बढ़ा दिया है। मोबाइल टावर और नेटवर्क की उपलब्धता से अब नक्सली सीधे ट्रेस होने लगे हैं। लंबे समय से संघर्ष के बाद अब बस्तर में परिस्थितियों तेजी से बदल रही है। वहीं सुरक्षा बलों की क्षमता में भारी इजाफा हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा और विकास दोनों ही रणनीति पर एक साथ काम हो रहा है। इसके अब अच्छे परिणाम भी सामने आ रहे हैं। यहां सुरक्षा बलों के कैंप खोले जाने के साथ रोजगार मूलक योजनाओ को भी पहुंचाया जा रहा है। इससे आदिवासियों को काफी फायदा भी हो रहा है।

अब लोगों को संचार सुविधाएं मिल रही है

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Chhattisgarh News (Image- Social Media)

दूसरी तरफ अब मोबाइल टावर लगने से आदिवासियों को भी सुविधा मिल रही है। नक्सली क्षेत्र में भी अब लोगों को बिना किसी बाधा संचार सुविधाएं मिल रही है। इसे एक उपलब्धि के तौर पर माना जा रहा है। बीते कई दशकों से बस्तर क्षेत्र संचार तकनीक से कटा हुआ रहा है। यहां नक्सली लगातार मोबाइल टावर को ही उड़ाते रहे हैं। जिससे यह क्षेत्र देश और दुनिया से अलग-थलग माना जाता था। अब मोबाइल टावर के विस्तार होने से नक्सलियों को आसानी से निशाने में लिया जा रहा है। सुरक्षा बलों के संचार तकनीक ने माओवादियों के गढ़ में सेंधमारी कर दी है।

Bastar News: नक्सलियों के एनकाउंटर में मोबाइल टावर का मुख्य योगदान

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नक्सलवाद के खात्में की दिशा में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार एक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। विष्णु देव सरकार ने इस वर्ष बस्तर क्षेत्र में ऐसे गांव चिन्हित किए थे, जहां वर्षों से संचार क्रांति नहीं पहुंच पाई थी। मोबाइल टावर लगने के बाद अब इन क्षेत्रों में संबंधित गतिविधियों के साथ अन्य असामान्य स्थितियों को तत्काल पकड़ लिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के बाद इस संबंध में रणनीति तय की गई थी। इसके बाद से ही नेटवर्क बढ़ाने को लेकर कोशिश से शुरू हुई। इसमें अब सफलता भी मिल रही है। बीते दिनों बस्तर में लगातार इनकाउंटर में टॉप नक्सली नेता मारे गए थे। इनमें भी संचार तकनीक और मोबाइल टावर का मुख्य योगदान रहा है।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।