Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय का छठवां दीक्षांत समारोह शनिवार को उत्साह और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी करने वाले 688 विद्यार्थियों को उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। कुल 84 छात्रों को अलग-अलग श्रेणियों में पदक प्रदान किए गए। इनमें 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 28 को रजत पदक और 29 विद्यार्थियों को कांस्य पदक देकर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वाले विद्यार्थियों के साथ उनके परिजनों में भी खुशी का माहौल देखने को मिला।
कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

कार्यक्रम में जिंदल स्टील लिमिटेड के चेयरमैन एवं लोकसभा सांसद नवीन जिंदल, विश्वविद्यालय की चांसलर शालू जिंदल, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल और जिंदल स्टील रायगढ़ के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर देबोज्योति रॉय सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को जीवन के नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने दिया समाज के लिए काम करने का संदेश

अपने संबोधन में राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि ज्ञान का सही दिशा में उपयोग करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई से मिली सीख का इस्तेमाल समाज, देश और मानवता की भलाई के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा काम जरूर करें, जिससे समाज को लंबे समय तक लाभ मिल सके।
नवीन जिंदल ने तकनीकी शिक्षा पर दिया जोर

लोकसभा सांसद और जिंदल स्टील लिमिटेड के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा कि आज के दौर में देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जो नई तकनीकों को समझें और उनका बेहतर उपयोग कर सकें। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीकों में कौशल विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उद्योगों की बदलती जरूरतों को देखते हुए युवाओं को व्यावहारिक और तकनीकी शिक्षा से जोड़ना समय की मांग है। इसी दिशा में जिंदल स्टील लगातार प्रयास कर रहा है।
विश्वविद्यालय की चांसलर शालू जिंदल ने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी विद्यार्थी के जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत का प्रतीक होता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे आत्मविश्वास बनाए रखें, अपने नैतिक मूल्यों का सम्मान करें और हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। उनका मानना है कि मेहनत, ईमानदारी और अच्छी सोच से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय ने बताईं सालभर की उपलब्धियां

समारोह की शुरुआत अकादमिक प्रोसेशन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने विश्वविद्यालय की वार्षिक उपलब्धियों और शैक्षणिक प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में नए कदम उठा रहा है। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में मौजूद छात्रों और उनके परिवारों ने इस समारोह को यादगार बना दिया।



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