उत्तर-पश्चिम दिल्ली के संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में मंगलवार को तीन श्रमिक सीवर में गिर गए और उन्हें बचाने की कोशिश के दौरान एक रिक्शा चालक भी सीवर के अंदर फंस गया। पुलिस ने बताया कि बचाव कार्य देर रात को भी जारी रहा।
चारों की मौत
पुलिस ने बताया कि सबसे पहले सीवर में गिरे तीन लोग निजी अनुबंधित कर्मचारी हैं, जो घटना के वक्त एमटीएनएल की लाइन पर काम कर रहे थे। ऐसी आशंका है कि चारों की मौत हो गयी है क्योंकि पिछले कुछ घंटों से सीवर के अंदर कोई गतिविधि नहीं देखी गयी है।
शाम करीब साढ़े छह बजे घटना की सूचना मिली
पुलिस के अनुसार, समयपुर बादली थाने को शाम करीब साढ़े छह बजे (6:30) घटना की सूचना मिली।
पुलिस दल तत्काल मौके पर पहुंचा और इलाके की घेराबंदी कर दी। दमकल विभाग के अधिकारी और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक दल भी बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त बृजेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि बचाव कार्य जारी है, लेकिन अभी तक चारों लोगों में से किसी को बाहर नहीं निकाला जा सका है।
चारों की हुई पहचान
पुलिस ने बताया कि कर्मचारियों की पहचान बच्चू सिंह, पिंटू और सूरज कुमार साहनी के रूप में की गयी है, जबकि रिक्शा चालक की पहचान रोहिणी के सेक्टर-16 स्थित सदर कॉलोनी निवासी सतीश (38) के तौर पर की गयी है।
उन्होंने बताया कि सीवर में लोहे का जाल है और यह एमटीएनएल की लाइन के नीचे है। ऐसा संदेह है कि चारों लोग वहीं फंस गए होंगे। सीवर में जहरीली गैस होने के कारण सुरक्षात्मक उपकरणों के साथ भी अंदर जाना मुश्किल है। इन लोगों को बचाने के लिए सीवर को चौड़ा करने के वास्ते मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पत्रकारों से बातचीत में एक स्थानीय निवासी हरजिंदर सिंह ने बताया कि सतीश उसके दोस्त का भाई है। उसने कहा, ‘‘हमें पता चला कि सतीश दूसरे लोगों की मदद करने के लिए सीवर में उतरा था, लेकिन वह भी इसके अंदर फंस गया।’’


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