दिल्ली में खरीद शुरू होने से किसानों को मिलेगा उचित मूल्य, लागत और समय की भी होगी बचत : सीएम रेखा गुप्ता

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Agricultural Produce Marketing: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किसानों के हित में एक अहम पहल की है। उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के जरिए गेहूं की सरकारी खरीद फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिल सकेगा और स्थानीय कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों के कल्याण और उनकी आय को सुरक्षित करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता…

Agricultural Produce Marketing: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किसानों के हित में एक अहम पहल की है। उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के जरिए गेहूं की सरकारी खरीद फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इस फैसले से किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिल सकेगा और स्थानीय कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस निर्णय के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों के कल्याण और उनकी आय को सुरक्षित करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है और यह फैसला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से दिल्ली के किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा और वे अधिक सशक्त बनेंगे।

केंद्र सरकार ने एफसीआई को निर्देश जारी किए

इस विषय पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी को पत्र लिखकर रबी विपणन सत्र में दिल्ली में एफसीआई के जरिए गेहूं खरीद तत्काल बहाल करने का अनुरोध किया था। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि दिल्ली में एफसीआई द्वारा स्थानीय स्तर पर खरीद न होने के कारण किसानों को अपनी उपज एमएसपी से कम कीमत पर बेचने के लिए विवश होना पड़ रहा है, जिससे उनकी आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के इस आग्रह पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार ने एफसीआई को निर्देश जारी किए हैं कि रबी विपणन सत्र 2026-27 में दिल्ली में गेहूं खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके तहत 24 अप्रैल 2026 से दिल्ली में दो प्रमुख स्थानों, नरेला स्थित एफसीआई डिपो और नजफगढ़ मंडी में खरीद केंद्र संचालित किए जाएंगे, जिससे किसानों को उनके निकट ही अपनी उपज बेचने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था तक समान और सुगम पहुंच मिलेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि एफसीआई द्वारा दिल्ली में खरीद शुरू होने से कई महत्वपूर्ण नीतिगत उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे दिल्ली के किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था तक समान और सुगम पहुंच मिलेगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर खरीद केंद्र उपलब्ध होने से किसानों को अपनी उपज अन्य राज्यों में ले जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे उनके परिवहन और हैंडलिंग खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि स्थानीय स्तर पर खरीदे गए गेहूं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकेगा, जिससे खाद्य सुरक्षा तंत्र और अधिक सुदृढ़ होगा। इसके अलावा, अनाज के अनावश्यक बाहरी प्रवाह पर रोक लगने से स्थानीय बाजार में संतुलन बना रहेगा और आपूर्ति शृंखला अधिक कुशल बनेगी।

राजधानी में लगभग 29 हजार हेक्टेयर भूमि पर होती है कृषि

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, वर्ष 2021-22 के बाद दिल्ली में एफसीआई की ओर से एमएसपी पर गेहूं की खरीद फिर से शुरू की जा रही है। राजधानी में लगभग 29 हजार हेक्टेयर भूमि पर कृषि होती है। प्रतिवर्ष लगभग 80 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होता है, जो स्थानीय खपत से अधिक है और बाजार में बेचने के लिए उपलब्ध रहता है। इस पहल से दिल्ली के लगभग 21,000 किसानों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए आधार कार्ड, भूमि अभिलेख की प्रति और बैंक पासबुक साथ लानी होगी। सरकार द्वारा गांव-वार खरीद कार्यक्रम शीघ्र जारी किया जाएगा। सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही खरीद केंद्रों पर पहुंचें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

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Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।