पटना : केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का दुष्प्रचार करने वाले को बख्शा नहीं जायेगा। कुछ लोग इस योजना को असफल करने के प्रयासा को लेकर गलत भ्रांतियां फैला रहे हैं। केन्द्र सरकार सस्ती ओर सुलभ स्वास्थ्य के प्रति सजग है।
होटल चाणक्या में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोफाइल 2018 का विश्लेषणात्मक प्रतिवेदन पुस्तक का लोकार्पण कर श्री चौबे ने कहा कि केन्द्र सरकार का 2030 तक स्वास्थ्य में प्रगति लाने का लक्ष्य है। राज्य सरकारों के साथ विचार-विमर्श कर आर्थिक सहयोग किया जा रहा है। आम जनता को सस्ती व सुलभ स्वास्थ्य मिलने को लेकर आयुष्मान भारत योजना लागू किया जायेगा। जिसका अधिकांश राज्यों द्वारा सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में परिवर्तन में बिहार की बड़ी हिस्सेदारी रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति लाने की जरूरत है। स्वास्थ्य के साथ-साथ स्वच्छता के लिए भी संकल्प लेना होगा। बिना स्वच्छता का स्वास्थ्य बेहतर नहीं हो सकता। बिहार में पहली बार राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोफाइल 2018 का विश्लेषणात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रदेश अन्य राज्यों की तरह स्वास्थ्य में आगे बढ़ रहा है। शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी आयी है।
मातृ मृत्य दर 138 से घटकर 130 हुई है। देश में नौ गैर संचारी बिमारी फैल रही है। इस पर काबू पाने केलिए सरकार प्रायसरत है। 2020 तक केन्द्र सरकार का इन्द्रधनुषी योजना के तहत पूर्ण टीकाकरण करने का लक्ष्य था जिसे कई राज्यों ने 99 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया है। वहीं 2025 तक भारत को पोलियो मुक्त की तरह टीवी मुक्त बनाने का संकल्प है।
केन्द्र सरकार ने सस्ती दवा उपलब्ध कराकर 10 हजार करोड़ का बचत करने का काम किया। श्री चौबे ने कहा कि केन्द्र सरकार का आयुष्मान भारत योजना का जनप्रतिनिधि द्वारा निरीक्षण किये जाने पर प्राथमिकी दर्ज कराना दुर्भावनापूर्ण है। भ्रष्टाचार में लिप्त पदाधिकारी दंडित होंगे। इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य समिति सचिव डा. करूणा, एमओएचएफ एंड डबलू के अपर सचिव संजीव कुमार, डा. मधु राय, डा. गोयल, डिप्टी डायरेक्टर पीएन चौधरी, क्षेत्रीय उप निदेशक कैलाश कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।


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