Bharat Tribes Fest 2026: भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 के तहत रविवार को ट्राइफेड द्वारा सुंदर नर्सरी में वन धन कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव का उद्घाटन जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने किया। कॉन्क्लेव के दौरान सतत आजीविका, लघु वन उपज (एमएफपी) में मूल्यवर्धन, बाजार संपर्क और जनजातीय उद्यमशीलता को सुदृढ़ करने पर केंद्रित पांच विषयगत सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान अपने संबोधन में दुर्गादास उइके ने कहा कि देश के जनजातीय समुदाय प्रकृति के साथ सामंजस्य का सशक्त प्रतीक हैं और पर्यावरण तथा सांस्कृतिक संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
देश भर में 4,550 से अधिक वन धन विकास केंद्र सक्रिय
कॉन्क्लेव के दौरान लघु वन उपज के माध्यम से जनजातीय समुदाय की आय बढ़ाना और उन्हें उद्यमी बनाना, जनजातीय उद्यमशीलता, मूल्यवर्धन और बाजार लिंकेज को लेकर विचार विमर्श किया गया। गौरतलब है कि वन धन योजना केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है, जिसमें 15 स्वयं सहायता समूहों का एक समूह 300 लाभार्थियों के लिए एक ‘वन धन विकास केंद्र’ का गठन करता है। अब तक 4,550 से अधिक वन धन विकास केंद्रों को मंजूरी दी गई है, जो जनजातीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा दे रहे हैं।
1,000 से अधिक आदिवासी कारीगरों की भागीदारी
सुंदर नर्सरी में आयोजित यह उत्सव, भारत की समृद्ध आदिवासी विरासत को प्रदर्शित करने वाला एक जीवंत राष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है। इसमें पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, व्यंजन और उद्यम शामिल हैं। इसमें 1,000 से अधिक आदिवासी कारीगरों, वन धन विकास केंद्रों, आदिवासी रसोइयों और देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांस्कृतिक समूहों ने भाग लिया है। प्रदर्शनियों और बिक्री के साथ-साथ, यह उत्सव ‘भारत ट्राइब्स बिज़नेस कॉन्क्लेव’, ‘सीएसआर कॉन्क्लेव’ और विभिन्न विषयों पर आधारित कार्यशालाओं जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की भी मेज़बानी कर रहा है।





















