पश्चिम बंगाल के भारतीय जनता पार्टी सांसदों ने ममता सरकार में महिलाओं के खिलाफ जुर्म एवं अत्याचार के मामलों में वृद्धि का आरोप लगाते हुए शुक्रवार आज यानी संसद भवन (Parliament) के परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दिया। पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों ने राज्य की ममता सरकार पर संवैधानिक व्यवस्था पर चोट पहुंचाने का भी आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने संवाददाताओं से कहा कि बंगाल के लोगों ने ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री चुना, वह महिला हैं लेकिन यह दुख की बात है कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध एवं अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री के रूप में संविधान की शपथ ली है लेकिन वह सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रही हैं। घोष ने आरोप लगाया कि बंगाल में संविधान पर लगातार चोट की जा रही है और लोकतंत्र नाम की चीज नहीं बची है।
संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना देने वाले भाजपा सांसदों में दिलीप घोष, लाकेट चटर्जी, सौमित्र खान आदि शामिल हैं। भाजपा सांसद अपने हाथों में तख्तियां लिये हुए थे जिन पर ‘लोकतंत्र बचाओ, ’ महिलाओं के खिलाफ हिंसा बंद करो’ के नारे लिखे थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की असम यात्रा के समय को लेकर विपक्ष की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर घोष ने कहा कि कांग्रेस सहित विपक्ष ने केवल आश्वासन देकर और गुमराह कर राज किया और समस्याएं पैदा कीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जमीनी स्तर पर समस्याओं का पता लगाने, कार्यकर्ताओं से चर्चा करने और उनका समाधान निकालने का काम किया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री के प्रयासों के कारण ही पूर्वोत्तर के सभी संगठन बात कर रहे हैं और समझौता कर रहे हैं ताकि समस्याओं का निदान हो सके।


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