नई दिल्ली : केजरीवाल सरकार द्वारा निगम का फंड रोकने के विरोध में गुरुवार को उत्तरी, दक्षिणी एवं पूर्वी नगर निगम के निगम पार्षदों ने सिविक सेंटर से रोष मार्च निकालकर आईटीओ पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे निगम पार्षद हाथ में तख्ती लेकर 9195.95 करोड़ रुपए निगम को वापस देने की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे ‘केजरीवाल शर्म करो, निगमों का फंड जारी करो।’
इसके बाद मुख्यमंत्री को प्रदेश महामंत्री राजेश भाटिया, उत्तरी दिल्ली स्थायी समिति के चेयरमैन जय प्रकाश, एसडीएमसी चेयरमैन भूपेन्द्र गुप्ता एवं ईडीएमसी चेयरमैन संदीप कपूर और नेता सदन तिलकराज कटारिया आदि के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। राजेश भाटिया ने कहा कि केजरीवाल सरकार भी शीला दीक्षित सरकार की तरह निगमों को पंगु बनाने पर तुली हुई है।
केजरीवाल के फंड रोकने से निगम के स्कूलों, अस्पतालों, डिस्पेंसरियों और सफाई के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जिससे दिल्ली के लोगों को मूलभूत सुविधायें मिलने में दिक्कतें आ रही हैं। जय प्रकाश ने कहा कि केजरीवाल सरकार जन विरोधी है, इसीलिए निगम का फंड रोक दिया है।
भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार जब तक एमसीडी का फंड जारी नहीं कर देती है तब तक हम लोग इस तरह का रोष मार्च निकालते रहेंगे। संदीप कपूर ने कहा कि यदि केजरीवाल को दिल्ली के विकास की चिंता है तो उन्हें बिना विलम्ब किए तीनों निगमों के फंड को रिलीज कर देना चाहिए।
निगमों को फंड जारी करें… नेता विपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से कहा कि वे राजनीति से ऊपर उठकर आर्थिक संकट से जूझ रही तीनों एमसीडी को अविलम्ब लंबित फंड जारी करें। उन्होंने दिल्ली नगर निगम के पार्षदों द्वारा सिविक सेंटर से दिल्ली सचिवालय तक मार्च का समर्थन करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार को निगमों को केंद्र द्वारा स्वीकृत किया गया फंड तुरंत निगमों को हस्तांतरित करना चाहिए।
गुप्ता ने निगमों को केंद्र द्वारा स्वीकृत 17.50 प्रतिशत ग्लोबल शेयर देने की मांग का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पर तीनों निगमों का लगभग 10,000 करोड़ रुपया बकाया है।


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