निर्भया के दोषियों पर फैसला सुरक्षित

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केंद्र ने फांसी पर रोक के बाद दलील दी थी कि दोषी कानूनी प्रकिया का फायदा उठा रहे हैं। वे एक-एक कर कानूनी बचाव के रास्ते अपना रहे हैं,इससे तो केस कभी खत्म नहीं होगा।

पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा निर्भया के दोषियों की फांसी पर अगले आदेश तक रोक के फैसले पर दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस सुरेश कैत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।  रविवार को इस पर विशेष सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा कि दुष्कर्मी जानबूझकर बल्कि सोचे-समझे तरीके से दया याचिका और क्यूरेटिव पिटीशन नहीं दाखिल कर रहे हैं और यह कानूनी आदेश को कुंठित करने का मंसूबा है। 
उन्होंने फांसी में जरा सी भी देर न किए जाने की अपील की और कहा- तेलंगाना में लोगों ने रेप के दोषियों के एनकाउंटर का जश्न मनाया था। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- लोगों का यह जश्न पुलिस के लिए नहीं था, बल्कि यह इंसाफ के लिए था। 
दोषियों की ओर से वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने दलील दी कि अगर दोषियों को मौत की सजा एकसाथ दी गई है तो उन्हें फांसी भी एकसाथ दी जानी चाहिए।  हाईकोर्ट ने शनिवार को इस मामले में चारों दोषियों के साथ ही तिहाड़ जेल प्रशासन और डीजी जेल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। केंद्र ने फांसी पर रोक के बाद दलील दी थी कि दोषी कानूनी प्रकिया का फायदा उठा रहे हैं। वे एक-एक कर कानूनी बचाव के रास्ते अपना रहे हैं,इससे तो केस कभी खत्म नहीं होगा। 

Desk Team