दिल्ली सरकार ने अधिकारियों से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि प्रवासी श्रमिक सड़कों और ट्रेन की पटरियों पर चलते हुए नहीं मिलें और अगर वे इस अवस्था में मिलते हैं तो उन्हें नजदीकी आश्रय स्थल तक ले जाया जाए। ऐसे लोगों के लिए तब तक भोजन-पानी की व्यवस्था करने को कहा गया है, जब तक कि ट्रेन या बस से उनके घर लौटने का इंतजाम नहीं हो जाता।
आप सरकार ने अपने अधिकारियों से कहा है कि वे भारतीय रेल के साथ समन्वय करके प्रवासी श्रमिकों को जल्दी उनके घर भेजने का इंतजाम करें। दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव ने नोडल अधिकारी पी.के. गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से शुक्रवार को कहा कि ‘‘वे सुनिश्चित करें कि प्रवासी श्रमिक सड़कों और ट्रेन की पटरियों पर ना चलें।’’
देव ने उनसे कहा है कि यदि कोई प्रवासी श्रमिक सड़क या ट्रेन की पटरियों पर चलता मिले तो उसे नजदीकी आश्रय गृह ले जाएं और घर भेजने के लिए ट्रेन या बस का इंतजाम होने तक उसके भोजन-पानी का प्रबंध करें।
लॉकडाउन के कारण प्रवासी श्रमिकों के समक्ष उत्पन्न हुई कठिन परिस्थितियों से उन्हें जल्दी बाहर निकालने की बात करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में सड़क दुर्घटना में हुई कामगारों की मौत से वह दुखी और विचलित हैं।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि शहरों को खोलने का साहस दिखाना चाहिए जो फिलहाल परिश्रमी मजदूरों के लिए ‘‘कब्र’’ बनते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार, औरैया जिले में प्रवासी मजदूरों को लेकर जा रहे एक ट्रक की दूसरे ट्रक से भिड़ंत हो गई। हादसे में कम से कम 24 प्रवासी मजदूर मारे गए हैं जबकि 36 अन्य घायल हुए हैं।


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