सोमवार को ई-कॉमर्स नियमों के कुछ वर्गों को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया जो ई-कॉमर्स संस्थाओं को एक कंपनी के रूप में निगमित करना अनिवार्य करता है। न्यायमूर्ति डी.एन. पटेल और प्रतीक जालान की अगुवाई वाली हाईकोर्ट की एक पीठ ने वकील सम्यक गंगवाल के माध्यम से ध्रुव सेठी द्वारा दायर याचिका पर केंद्र सरकार और अन्य से जवाब मांगा।
यह दलील उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 के नियम 4 (1) (ए) को चुनौती देती है। उक्त नियम कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत सभी ई-कॉमर्स संस्थाओं को एक कंपनी के रूप में निगमित करने को अनिवार्य करता है। अदालत अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 दिसंबर को करेगी।


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