Delhi : एक लंबे इंतजार के बाद सुल्तानपुरी से नांगलोई को जोड़ने वाले आरओबी को हरी झंडी मिल गई है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद 15 वर्षों से रुका आरओबी का काम फिर शुरू होने वाला है। दिल्ली हाईकोर्ट ने फ्लाईओवर निर्माण में बाधा बने अतिक्रमण को 90 दिनों के भीतर हटाने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने राहत जताई है।
दरअसल सुल्तानपुरी-नागलोई रोड पर दो रेलवे क्राॅसिंग पर दो परियोजनाओं आरओबी व आरयूबी को वर्ष 2008 में मंजूरी मिली थी। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2010 में शुरू हुआ था, लेकिन 2021 तक धन की कमी, अतिक्रमण समेत अन्य कारणों से आरओबी का काम केवल 70 प्रतिशत हो सका था।
‘लंबे संघर्ष के बाद मिली जीत’
वर्तमान में आरओबी का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ था। बंद पड़े निर्माण कार्य को लेकर शुक्र बाजार मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में अपील की थी। जिस पर अदालत ने संबंधित विभागों को 90 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसे लंबे संघर्ष के बाद मिली बड़ी जीत बताया।
मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष बिंदल के अनुसार, फ्लाईओवर को लेकर दो पक्ष अदालत में थे। एक पक्ष निर्माण कार्य पूरा कराने के समर्थन में था, जबकि दूसरा पक्ष दुकानों को हटाने के विरोध और पुनर्वास की मांग कर रहा था। उन्होंने बताया कि करीब 54 दुकानदारों के पुनर्वास की व्यवस्था पास में की जा चुकी है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और ढीले रवैये के कारण निर्माण कार्य सालों तक अटकी रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधूरे फ्लाईओवर के कारण सुल्तानपुरी और नांगलोई के बीच आवागमन सालों तक प्रभावित है। बाजार में आने वाले ग्राहकों की संख्या घटी है, जिससे दुकानदार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यह परियोजना भ्रष्टाचार और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ गई।
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