Delhi-NCR में 5000 करोड़ में बसेंगी 4 नई ‘Namo City’, राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव

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Delhi-NCR : 5,000 करोड़ रुपये की लागत से 4 नई ‘नमो सिटी’ विकसित की जाएंगी। इसके लिए चारो राज्यों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस परियोजना को अगले 5 सालों में पूरा किया जाना है। साथ ही एनसीआर को प्रदूषण नियंत्रण के लिए 3 जोन में बांटने की तैयारी है। ये जानकारी केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की बैठक के बाद यहां दी। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया, इन शहरों का नाम ‘नमो सिटी’ रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि नए शहरों के…

Delhi-NCR : 5,000 करोड़ रुपये की लागत से 4 नई ‘नमो सिटी’ विकसित की जाएंगी। इसके लिए चारो राज्यों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। इस परियोजना को अगले 5 सालों में पूरा किया जाना है। साथ ही एनसीआर को प्रदूषण नियंत्रण के लिए 3 जोन में बांटने की तैयारी है। ये जानकारी केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की बैठक के बाद यहां दी।

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया, इन शहरों का नाम ‘नमो सिटी’ रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि नए शहरों के सिलेक्शन के लिए एक खास तरीका अपनाया जाएगा। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकारें तीन-तीन संभावित लोकेशन के प्रस्ताव देंगी। इन प्रस्तावों में से एक-एक जगह को चुन लिया जाएगा।

दिल्ली के मामले में नया शहर नहीं बल्कि एक सब-सिटी विकसित की जाएगी। सरकार की योजना इन शहरों को क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) और अन्य प्रमुख परिवहन नेटवर्क के आसपास डेवलप करने की है। मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि दिल्ली पर बढ़ता जनसंख्या एवं यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। बैठक में एनसीआर रीजनल प्लान-2041 पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री के अनुसार अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अंतिम क्षेत्रीय योजना को औपचारिक रूप से जारी होने में अभी लगभग दो महीने का समय लग सकता है।

सीनियर अधिकारियों की एक सब-कमेटी की गई गठित

रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं दिल्ली) के सीनियर अधिकारियों की एक सब-कमेटी गठित की गई है। यह सब-कमेटी 15 अगस्त, 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी। इसमें एनसीआर के भविष्य के विकास, शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सस्टेनेबल ग्रोथ से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई।

बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से पूरे एनसीआर को तीन अलग-अलग जोन में बांटा जाएगा। इनमें ‘कोर एनसीआर’ भी शामिल होगा। माना जा रहा है कि इससे क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण और शहरी नियोजन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राजस्थान के नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी मौजूद रहे।

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Avinay