मानसून से पहले दिल्ली अलर्ट, जलभराव रोकने के लिए महापौर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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Delhi : राष्ट्रीय राजधानी में आगामी मानसून के मद्देनजर जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय स्थित डॉ. एस.पी.एम. सिविक सेंटर में एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का आयोजन “ऑपरेशन मिशन मानसून” के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मानसून के दौरान नागरिकों को होने वाली परेशानियों को न्यूनतम करना है। बैठक में दिल्ली यातायात पुलिस, बाढ़ एवं सिंचाई विभाग, भारतीय…

Delhi : राष्ट्रीय राजधानी में आगामी मानसून के मद्देनजर जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने मंगलवार को नगर निगम मुख्यालय स्थित डॉ. एस.पी.एम. सिविक सेंटर में एक उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक का आयोजन “ऑपरेशन मिशन मानसून” के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर मानसून के दौरान नागरिकों को होने वाली परेशानियों को न्यूनतम करना है। बैठक में दिल्ली यातायात पुलिस, बाढ़ एवं सिंचाई विभाग, भारतीय रेल, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) तथा नगर निगम दिल्ली सहित कई प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

इस दौरान राजधानी के जलभराव संभावित क्षेत्रों, जल निकासी व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे नालों की गाद निकासी (डीसिल्टिंग) कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बैठक में उप-महापौर मोनिका पंत, स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, सदन के नेता जय भगवान यादव, डेम्स समिति अध्यक्ष संदीप कपूर तथा नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश

महापौर प्रवेश वाही ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जल निकासी पंप, मोटर, डी-वाटरिंग उपकरण और अन्य आवश्यक मशीनरी पूरी तरह कार्यशील स्थिति में रखी जाए। साथ ही भारी वर्षा से पहले सभी उपकरणों का व्यापक निरीक्षण और परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो।

उन्होंने जलभराव की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों की पहचान कर उनकी लगातार निगरानी करने तथा पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। महापौर ने कहा कि पिछले मानसून से मिली सीख को वर्तमान तैयारियों में शामिल करना जरूरी है, जिससे आपात स्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

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Avinay