ऐसे हैं प्रावधान
प्रस्तावित बदलावों के अनुसार, पालतू कुत्ते को बिना पट्टा सड़क पर घुमाने पर अब मात्र 50 रुपये के बजाय 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी तरह, सड़क पर मवेशियों को बांधने पर भी जुर्माना 100 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का प्रस्ताव है। अन्य प्रावधानों में मकान नंबर को मिटाने या नष्ट करने पर जुर्माना 50 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये किया जा सकता है। वहीं खतरनाक आतिशबाजी करने पर जुर्माना 50 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। नगर निगम अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने पर भी जुर्माना 50 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये तक किया जा सकता है।
स्वच्छता से जुड़े नियमों में भी सख्ती
स्वच्छता से जुड़े नियमों में भी सख्ती दिखाई गई है। कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था न करने पर जुर्माना 50 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने, सड़क पर गंदगी बहाने या कूड़ा फेंकने पर जुर्माना 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, खतरनाक इमारत को खाली करने के आदेश का पालन न करने पर जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये किया जा सकता है। विधेयक में अधिनियम की धारा 465 में भी संशोधन प्रस्तावित है, जिसके तहत सामान्य जुर्माना 100 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये और दैनिक जुर्माना 20 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करने की बात कही गई है। साथ ही, कुछ पुराने प्रावधानों को समाप्त करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो दिल्ली में नियमों के उल्लंघन पर सख्ती और आर्थिक दंड दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।
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