दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सर्वर की कथित हैकिंग की जांच शुरू कर दी है, जिसके कारण आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) और सैंपल कलेक्शन सेवाएं प्रभावित हुई थी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, पुलिस टीमों का गठन किया गया है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, एम्स के अतिरिक्त सुरक्षा अधिकारी द्वारा एक ‘कंप्यूटर घटना’ की सूचना दी गई थी, जिसके आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 385 और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66-एफ के तहत आईएफएसओ द्वाार प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
23 नवंबर को एम्स दिल्ली में उपयोग किए जा रहे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के ई-हॉस्पिटल का सर्वर डाउन हो गया था, जिसके कारण स्मार्ट लैब, बिलिंग, रिपोर्ट जनरेशन, अपॉइंटमेंट सिस्टम आदि सहित आउट पेशेंट और इनपेशेंट डिजिटल अस्पताल सेवाएं प्रभावित हुईं।
एम्स के अधिकारियों ने कहा कि ये सभी सेवाएं अब मैनुअल मोड पर चलाई जा रही हैं। एम्स में कार्यरत एनआईसी टीम ने सूचित किया कि यह रैनसमवेयर हमला हो सकता है जिसकी सूचना उचित कानून प्रवर्तन अधिकारियों को दी जाएगी और इसकी जांच की जाएगी।


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