पुलिसकर्मियों की समस्याओं का अब थाने में ही होगा समाधान, शुरू की गई ‘डोरस्टेप ग्रीवेंस रिड्रेसल’ व्यवस्था

Summary :

Delhi : सेंट्रल जिला पुलिस ने पुलिसकर्मियों के कल्याण और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। अब पुलिसकर्मियों को वेतन, पेंशन, मेडिकल रीइम्बर्समेंट, जांच से जुड़े बिल, अवकाश, खातों और अन्य सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सेंट्रल जिला पुलिस ने डोरस्टेप ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म लागू किया है, जिसके तहत प्रशासन और लेखा शाखा के अधिकारी हर पंद्रह दिन में सभी थानों और इकाइयों का दौरा करेंगे। इस पहल के तहत अधिकारियों की एक निर्धारित रोस्टर प्रणाली बनाई जाएगी, ताकि जिले के प्रत्येक थाने…

Delhi : सेंट्रल जिला पुलिस ने पुलिसकर्मियों के कल्याण और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। अब पुलिसकर्मियों को वेतन, पेंशन, मेडिकल रीइम्बर्समेंट, जांच से जुड़े बिल, अवकाश, खातों और अन्य सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

सेंट्रल जिला पुलिस ने डोरस्टेप ग्रीवेंस रिड्रेसल मैकेनिज्म लागू किया है, जिसके तहत प्रशासन और लेखा शाखा के अधिकारी हर पंद्रह दिन में सभी थानों और इकाइयों का दौरा करेंगे। इस पहल के तहत अधिकारियों की एक निर्धारित रोस्टर प्रणाली बनाई जाएगी, ताकि जिले के प्रत्येक थाने और यूनिट का नियमित दौरा सुनिश्चित हो सके। दौरे के दौरान पुलिसकर्मियों की शिकायतें मौके पर दर्ज की जाएंगी और उनके शीघ्र निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक दौरे की डेली डायरी में एंट्री करना अनिवार्य होगा। इसमें प्राप्त शिकायतों, की गई कार्रवाई और निस्तारित मामलों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा एसीपी/मुख्यालय के माध्यम से हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-2 को भेजी जाएगी, जबकि प्रत्येक पंद्रह दिन में अनुपालन रिपोर्ट डीसीपी, केंद्रीय जिला के समक्ष समीक्षा के लिए प्रस्तुत की जाएगी।

पुलिसकर्मियों की समस्याओं का त्वरित समाधान

डीसीपी राजबीर सिंह (आईपीएस) ने कहा कि यह पहल पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और कर्मचारी-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पुलिसकर्मियों की समस्याओं का त्वरित समाधान उनके कार्यस्थल पर ही सुनिश्चित किया जा सके।

केंद्रीय जिला पुलिस का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को समय पर संस्थागत सहायता उपलब्ध कराना, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी को कम करना और कार्यक्षमता के साथ-साथ पुलिस बल का मनोबल बढ़ाना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 8 आरोपियों को पुलिस ने अदालत में किया पेश, करीब 80 लाख रुपए बरामद

Avinay