Delhi : शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों की मान्यता प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और जवाब देह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निदेशालय ने नई मान्यता, मान्यता विस्तार, स्कूल अपग्रेडेशन व सीनियर सैकेंडरी स्तर पर साइंस, कॉमर्स व आर्ट्स स्ट्रीम शुरू करने के लिए संशोधित प्रोफार्मा चेकलिस्ट लागू कर दिए हैं।
इसके साथ ही पुराने सभी प्रोफार्मा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं। निदेशालय के अनुसार, अब स्कूलों से जुड़े सभी आवेदन नए निर्धारित प्रारूप में स्वीकार किए जाएंगे।
जिला उप शिक्षा निदेशकों व संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निरीक्षण और रिपोर्ट भी इन्हीं संशोधित प्रोफार्मा के आधार पर तैयार करें। प्रारूप में स्कूलों से भूमि या भवन संबंधित दस्तावेज, सोसाइटी या ट्रस्ट का पंजीकरण, कक्षावार छात्र संख्या, शिक्षकों और कर्मचारियों का विवरण, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं, अग्निशमन व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता व अन्य आवश्यक मानकों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
सभी जिला कार्यालय जांचेंगे एक ही मानक पर आवेदन
इससे सभी आवेदनों की एक समान मानको पर जांच सुनिश्चित होगी। अब तक अलग-अलग मामलों में निरीक्षण दस्तावेजों की जांच के दौरान अलग-अलग प्रकार की चेकलिस्ट और प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता था। इससे कई बार स्कूलों को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने पड़ते थे और प्रक्रिया लंबी हो जाती थी। नए प्रोफार्मा लागू होने के बाद सभी जिला कार्यालय एक ही मानक पर आवेदन जांचेंगे।
इससे विवेकाधीन निर्णयों की गुंजाइश कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व समयबद्ध बनने की उम्मीद है। इस बदलाव का असर उन स्कूलों पर भी पड़ेगा जो पहली बार मान्यता लेना चाहते हैं, अपनी मान्यता का नवीनीकरण करना चाहते हैं या सीनियर सेकेंडरी स्तर पर नए विषय या संकाय शुरू करने की अनुमति मांग रहे हैं। शिक्षा निदेशालय का मानना है कि एक समान प्रारूप लागू होने से प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होगी और स्कूलों को भी पहले से स्पष्ट रहेगा कि किन-किन मानकों व दस्तावेजों को पूरा करना अनिवार्य है।
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