दिल्ली में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, निशाने पर थे थाने और पुलिस पिकेट

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Delhi : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (NDRF) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की बड़ी साजिश नाकाम करते हुए चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इस बार आतंकियों के निशाने पर दिल्ली के थाने और पुलिस पिकेट थीं। आतंकी थाने व पुलिस पिकेट की रेकी तक कर चुके थे। पुलिस को दिल्ली से पकड़े गए एक आतंकी के फोन से पुलिस पिकेट और थाने की वीडियो मिली है। जिसे रात के समय में बनाया गया था। पकड़े गए चारों आतंकी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर शहजाद भट्टी के इशारे पर काम कर रहे थे। सूत्रों की माने तो आतंकी पंजाब…

Delhi : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (NDRF) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की बड़ी साजिश नाकाम करते हुए चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इस बार आतंकियों के निशाने पर दिल्ली के थाने और पुलिस पिकेट थीं। आतंकी थाने व पुलिस पिकेट की रेकी तक कर चुके थे। पुलिस को दिल्ली से पकड़े गए एक आतंकी के फोन से पुलिस पिकेट और थाने की वीडियो मिली है।

जिसे रात के समय में बनाया गया था। पकड़े गए चारों आतंकी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर शहजाद भट्टी के इशारे पर काम कर रहे थे। सूत्रों की माने तो आतंकी पंजाब की तर्ज पर दिल्ली के थानों पर फायरिंग और ग्रेनेड हमला करने की प्लानिंग कर रहे थे। जिसे स्पेशल सेल की टीम ने समय रहते ध्वस्त कर दिया है। आतंकियों ने धार्मिक स्थलों की भी रेकी की थी।

डीसीपी (स्पेशल सेल) प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पकड़े गए आतंकियों की पहचान शुभदीप सिंह उर्फ ​​विशाल (23), गुरजंत सिंह उर्फ ​​ऋषि (22), साजन सिंह उर्फ ​​हनी (28) और गगनप्रीत बेटा सुखविंदर (24) के तौर पर हुई है। चारों आतंकी पंजाब के रहने वाले हैं। आरोपियों को एसीपी (स्पेशल सेल-एनडीआर) विवेक त्यागी की देखरेख में इंस्पेक्टर सतीश राणा और इंस्पेक्टर अशोक की डेडिकेट टीम ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो आधुनिक पिस्टल जिसमें एक जिगाना पिस्टल व दूसरी .30 बोर पिस्टल है।

इसके अलावा नौ जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पकड़े गए आतंकी विदेशी नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। सेल की टीम ने तीन आतंकियों को पंजाब और एक को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्पेशल सेल की एनडीआर यूनिट को विश्वसनीय और सटीक सूचना मिली थी कि पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर शहजाद भट्टी अपने अन्य पाकिस्तानी सहयोगियों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में बड़ी आतंकी घटना की साजिश रच रहा है। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर सतीश राणा और इंस्पेक्टर अशोक की टीम जांच में जुट गई। पता चला कि कुछ लड़के विदेशी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से संपर्क में हैं, ताकि सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी से बचा जा सके।

ये विदेशी नंबर पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। पुलिस टीम ने सबसे पहले अमृतसर के मजीठा रोड इलाके से शुबदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इसके पास से एक सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए। शुबदीप ने खुलासा किया कि वह शहजाद भट्टी के नेटवर्क के पाकिस्तानी हैंडलरों के लगातार संपर्क में था।

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आ रही हथियार और ड्रग्स की खेप

आतंकी शुबदीप ने खुलासा करते हुए बताया कि ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजे जाने वाले हथियारों तथा मादक पदार्थों की खेप प्राप्त करता था। पंजाब में अटारी बॉर्डर के आसपास के गांव में गेहूं की खेती कट चुकी है। जिसके बाद से पाकिस्तान के कसूर इलाके से ड्रोन के माध्यम से हथियार और ड्रग्स की सप्लाई बढ़ गई है। पुलिस ने शुबदीप से मिली जानकारी के बाद दो अन्य आतंकी गुरजंत सिंह और साजन सिंह को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया।

दोनों के कब्जे से एक विदेशी निर्मित जिगाना पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन मिले। दे दोनों भी विदेशी नंबरों के जरिए आईएसआई हैंडलरों के संपर्क में थे और ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से आने वाले हथियारों तथा नशीले पदार्थों की खेप रिसीव करने का काम करते थे।

धार्मिक स्थल व पुलिस थानों की रेकी का मिला था टास्क

सेल की टीम ने चौथे आतंकी गगनप्रीत को दिल्ली से गिरफ्तार किया। इसके पास से बरामद मोबाइल फोन में कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। गगनप्रीत सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स शहजाद भट्टी, हम्माद और आबिद भट्ट के संपर्क में था। उसने खुलासा करते हुए बताया कि उसे दिल्ली के धार्मिक स्थलों, पुलिस स्टेशनों और पुलिस पिकेटों की रेकी करने का काम मिला था।

उसने कई वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने की बात भी कबूल की। उसे रेकी के बाद दिल्ली में फायरिंग की घटना को अंजाम देने का भी निर्देश दिया गया था। स्पेशल सेल की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार चारों आतंकी आईएसआई समर्थित नेटवर्क का हिस्सा बनकर काम कर रहे थे। इनमें से दो आरोपी पहले भी पंजाब पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के मामलों में गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

पुलिस का कहना है कि पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के इलाकों में ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की साजिश लंबे समय से चल रही है और गिरफ्तार आरोपी इसी नेटवर्क की अहम कड़ी थे।

पांच मोबाइल फोन से खुलेंगे राज

पुलिस का कहना है कि आतंकियों के पास से मिले पांच मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। यह भी संभव है कि काफी वीडियो और चैट फोन से हटा दिए गए होंगे। पुलिस उन्हें भी रिकवर करने का प्रयास कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये आतंकी अब तक कितने हथियारों और मादक पदार्थों की खेप प्राप्त कर चुके हैं। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि आईएसआई समर्थित इस पूरे नेटवर्क का फंडिंग स्रोत क्या है और ड्रोन सप्लाई चैन में इस मॉड्यूल में कौन-कौन जुड़ा है।

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Avinay