Delhi : दिल्ली के मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) ने वर्ष 2020 में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होकर स्थायी रूप से दिव्यांग हुए एक सब्जी विक्रेता के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायाधिकरण ने पीड़ित को 23.16 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। साथ ही बीमा कंपनी को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित राशि पीड़ित के बैंक खाते में जमा कराई जाए। मामले की सुनवाई पीठासीन अधिकारी सुदीप राज सैनी कर रहे थे।
अदालत ने अपने 9 जून के आदेश में माना कि यह दुर्घटना कार चालक देवेंद्र की तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई थी। अदालत में पेश रिकॉर्ड के अनुसार, 29 फरवरी, 2020 की रात परमानंद राय नजफगढ़ इलाके में सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के समय राय सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे।
हादसे के बाद घटी कार्य क्षमता
सुनवाई के दौरान न्यायाधिकरण ने पीड़ित की चिकित्सीय रिपोर्ट, आय और दुर्घटना के बाद उसकी शारीरिक स्थिति का आकलन किया। अदालत ने माना कि हादसे के कारण उनकी कार्य करने की क्षमता 30 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है।
इसी आधार पर इलाज, आय की हानि, दर्द एवं मानसिक पीड़ा सहित विभिन्न मदों को ध्यान में रखते हुए कुल 23.16 लाख रुपये का मुआवजा तय किया गया। न्यायाधिकरण ने यह भी पाया कि दुर्घटना के समय संबंधित कार का वैध बीमा था। इसलिए बीमा कंपनी को निर्देश दिया गया कि वह निर्धारित अवधि के भीतर पूरी मुआवजा राशि पीड़ित के खाते में जमा कराए।
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