नयी दिल्ली : दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग की एक तथ्य अन्वेषण समिति ने पिछले महीने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों के दौरान हुए नुकसान का आकलन करना शुरू कर दिया है। इन दंगों में 53 लोगों की जानें गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के वकील एमआर शमशाद के नेतृत्व में 10 सदस्यीय समिति प्रभावित क्षेत्रों में 30 स्वयंसेवियों की सहायता से नुकसान का जायजा ले रही है।
खान ने कहा कि समिति के सदस्य घर-घर सर्वेक्षण कर रहे हैं। वे संपत्ति को हुए नुकसान को दर्ज करने के लिये और हिंसा के दौरान मारे गये एवं घायल हुए लोगों का ब्योरा दर्ज करने के लिये आकलन फार्म भर रहे हैं। उन्होंने बताया कि समिति उन लोगों का भी पता लगाएगी, जिन्हें मुआवजा नहीं मिला है या पुलिस ने जिनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
खान ने कहा कि मुस्तफाबाद ईदगाह में एक सहायता डेस्क भी बनाई गई है, जहां पीड़ितों की मदद के लिए पूरे दिन वकील भी मौजूद रहते हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में कई जगहों पर दुकान, मकान, वाहन और विद्यालय भवनों को भारी क्षति पहुंचाई गई थी।


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