दक्षिणी दिल्ली : लाखों रुपए के कर्ज में डूबे एक इंजीनियर इस कदर मानसिक तनाव से ग्रस्त हो गया कि आखिरकार शुक्रवार की रात उसने चाकू से अपनी ही पत्नी को मौत के घाट उतारने के बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना बाबा हरिदास नगर इलाके के ढिचांऊ कलां गांव की है, जहां शुक्रवार देर रात हुई इस घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है।
घटना की पुष्टि करते हुए पुलिस के एक अधिकारी ने मृतक शख्स की पहचान 45 साल के सुदेश कुमार शौकीन और उनकी पत्नी 40 साल की स्नेहा शौकीन के तौर पर की है। मृतक के भाई ने सूचना देकर पुलिस को बुलाया था। फिलहाल पुलिस ने मृतक सुदेश की बेटी के बयान पर हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में पता चला कि सुदेश ने एक दर्जन से ज्यादा बार चाकू से वार किया था। जिसमें आखिरी वार में चाकू का सामने वाला हिस्सा टूटकर स्नेहा के पेट में ही रह गया था।
झगड़े के बाद हत्या कर आत्महत्या की… पुलिस सूत्रों ने बताया कि ढिचांऊ कलां गांव में रहने वाले मृतक सुदेश कुमार शौकीन के परिवार में पत्नी स्नेहा, बेटी आशी (15) और बेटा (13) शामिल हैं। बेटी दसवीं कक्षा और बेटा आठवीं में पढ़ाई कर रहा है। सुदेश की बेटी ने बताया कि घटना वाली रात करीब साढ़े दस बजे के आसपास सभी लोग खाना खाने के बाद आशी अपनी मम्मी के साथ और उसके पापा भाई के साथ सोने चले गए।
रात करीब साढ़े बारह बजे सुदेश अपनी पत्नी के कमरे में गए और फिर दोनों बातचीत करते हुए दूसरे कमरे में चले गए। वहां दोनों का झगड़ा होने लगा और फिर अचानक स्नेहा बचाओ-बचाओ चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर आशी जब कमरे के पास पहुंची तो कमरा बंद मिला। उसके पिता ने उसे डांटकर वापस भेज दिया। थोड़ी देर के बाद सुदेश अपने कमरे से निकला और दूसरे कमरे में जाकर बिजली के तार की मदद से फांसी लगाकर खुदकुशी।
सुबह पता लगा परिजनों को…
परिजनों की मानें तो सुबह करीब सवा दस बजे के आसपास बेटी की नींद खुली तो वह दूसरे कमरे में मां को तलाशती हुई पहुंची तो देखा कि वह खून से लथपथ पड़ी थी। दोनों ने पड़ोस में रहने वाले अपने ताऊ को जाकर घटना के बारे में बताया। ताऊ और दादा मौके पर पहुंचे तो देखा की दूसरे कमरे में सुदेश भी फांसी पर लटका हुआ है। सुदेश के भाई ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
लाखों के कर्जे में था सुरेश…
शुरुआती जांच के बाद पुलिस का कहना है कि सुदेश इंजीनियर था और नोएडा के एक निजी कम्पनी में काम करता था। बताया जाता है कि करीब डेढ़ साल से उसकी नौकरी छूट गई थी और उसपर 13 लाख रुपए का लोन भी था। जिसे वह काफी समय से चुका नहीं पाया था। इस वजह से वह मानसिक अवसाद का शिकार हो गया। जिसका मोती नगर के एक निजी अस्पताल में इलाज भी चल रहा था। बताया जाता है कि वह अमेरिका में नौकरी करने गया था।
दोनों एक-दूसरे पर करते थे शक…
उनकी बेटी की मानें तो उसके माता-पिता एक-दूसरे पर शक करते थे और इस वजह से दोनों के बीच काफी झगड़ा होता था। पिछले कुछ दिनों से इसको लेकर दोनों के बीच काफी झगड़ा होता रहता था। रात को सुदेश ने अपनी पत्नी को दूसरे कमरे में ले जाकर उसकी पिटाई भी की थी। बेटी की माने तो घटना वाली रात जब सुदेश झगड़े के बाद कमरे से बाहर निकला तो उसके कपड़े पर खून लगा था।


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