DNPA Conclave 2026 : राजधानी दिल्ली में आयोजित DNPA Conclave 2026 के दौरान केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने शिरकत की, जहां उन्होंने AI के बढ़ते प्रभाव और ऑर्गेनाइज्ड फेक न्यूज कैम्पेन को ले कर अपनी बात रखी। उन्होंने इस बात को लेकर चेताया कि तेजी से विकसित होती टेक्नोलॉजी के चलते समाज की नीव खतरे में पड़ती जा रही है। DNPA का पूरा नाम ‘डिजिटल न्यूज पब्लिकैशन एसोसिएशन’ है।
DNPA Conclave 2026 : डीप फेक को लेकर चिंताएं

डीप फेक को लेकर दुनिया भर में चिंताएं हैं। अब टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो चुकी हैं कि असल और नकल में अंतर कर पाना बेहद मुश्किल है। इसी को लेकर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि अब डीपफेक टेक्नोलॉजी ऐसी वीडियो और फ़ोटोज़ तैयार कर सकती है जिनका हकीकत से कोई लेना देना नहीं होता लेकिन लोग उन्हे सच मान लेते हैं।
कंटेंट होस्ट करने वाले प्लेटफॉर्म्स को जिम्मेदारी लेनी होगी

मंत्री वैष्णव ने स्पष्ट कहा कि प्लेटफॉर्म्स को अपने यहां प्रकाशित और होस्ट किए जाने वाले कंटेंट की जिम्मेदारी लेनी ही होगी. उन्होंने कहा कि आज डिजिटल दुनिया में डीपफेक, फेक न्यूज और गलत सूचनाओं का प्रसार समाज और लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए बड़े खतरे के रूप में उभर रहे हैं. ऐसे में भरोसा बनाए रखना मीडिया और टेक कंपनियों का मूल कर्तव्य है.
चला पैनल डिस्कसन
आयोजन में ‘The new Economic Content in the AI age’ को लेकर विमर्श चला। इस विमर्श में डिजिटल न्यूज इंडस्ट्री के भविष्य और बदलते बिसनेस मॉडल को लेकर भी पैनल डिस्कसन हुआ। चर्चा के दौरान एआई कंटेन्ट लाइसेंसिंग को डिजिटल न्यूज ऑर्गेनाइजेशन के लिए उभरते हुए बड़े रेवेन्यू मॉडल के तौर पर देखा गया। अब बड़े एआई मॉडल्स न्यूज कंटेन्ट का इस्तेमाल ट्रैनिंग और रियल टाइम इनफॉर्मेशन देने वाली सेवाओं के लिए कर रहे हैं। जिससे पब्लिशर्स अपने कंटेन्ट को लाइसेंस देकर ने रेवेन्यू जेनरेट कर सकते हैं।
Ashwini Vaishnaw Deepfake Warning : मीडिया जगत के लिए महत्वपूर्व दौर

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मौके पर कहा कि पूरी दुनिया के मीडिया जगत के लिए यह महत्वपूर्ण दौर है। यह सही निर्णय लेने का समय है। यह जरूरी है कि आम सहमति बने, अच्छे विकल्प सामने आएं और अच्छी सिफारिशें मिलें ताकि भविष्य की नीतियों को आकार दिया जा सके।
AI and Journalism : आगे क्या कहा
बदलते दौर में समाचार माध्यमों की भूमिका पर केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि पूरा मानव समाज भरोसे की संस्थाओं पर टिका है। यह भरोसा परिवार से शुरू होता है और सामाजिक पहचान, न्यायपालिका, मीडिया, विधायिका जैसी संस्थाओं तक जाता है। समाज के अलग-अलग अंग और संस्थाएं विश्वास के सिद्धांत पर काम करती हैं। मीडिया घरानों के लिए भी बुनियादी सिद्धांत यही रहता है कि वह निष्पक्ष और जिम्मेदार रहें।
मीडिया के समक्ष खतरे भी मौजूद हैं। जैसे- डीप फेक, गलत सूचनाओं का प्रवाह। हर समाज इस तरह के खतरों से जूझ रहा है। जो संस्थाएं शताब्दियों से मौजूद हैं, उन्हें इन खतरों से कैसे बचाए रखा जाए, यह बड़ी चुनौती है। ऑनलाइन सेफ्टी इसके लिए बहुत जरूरी है। खबरों की प्रामाणिकता, बच्चों की सुरक्षा, सिंथेटिक कंटेंट से बचाव भी जरूरी है और इसके लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।
AI in News Industry : सत्यापन का पर जोर
वैष्णव ने कहा कि उदाहरण के लिए होटल में आने वाले ग्राहक का होटल प्रबंधन सत्यापन करता है, उसी तरह ऑनलाइन मंचों को भी सत्यापन का ध्यान रखना होगा ताकि कंटेंट का इस्तेमाल करने वालों को किसी तरह का नुकसान न हो। कंटेंट किस तरह वायरल हो जाता है, यह हम सभी जानते हैं। कुछ घंटों में वायरल कंटेंट लोगों तक पहुंच जाता है। ऐसे में जिम्मेदारी रखना बहुत जरूरी है। नागरिकों को खतरों से बचाना, उनकी ऑनलाइन सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है।
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