स्तन कैंसर की जल्द पहचान से बचती हैं जानें, हर महिला तक सस्ती जांच और इलाज पहुंचे: एलजी संधू

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Taranjit Singh Sandhu : स्तन कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल है, लेकिन समय रहते इसकी पहचान और उचित उपचार से न केवल जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि मरीजों की गरिमा और जीवन की गुणवत्ता भी सुरक्षित रखी जा सकती है। ये बात शनिवार को भारत में पहली बार आयोजित एशियन ओशियानियन सोसाइटी ऑफ ब्रेस्ट इमेजिंग (एओएसबीआई) कांग्रेस का उद्घाटन करने के दौरान दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने कही। वन रीजन, मेनी वॉइसेज, एडवांसिंग ब्रेस्ट इमेजिंग अक्रॉस एशिया एंड ओशियानिया विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के…

Taranjit Singh Sandhu : स्तन कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल है, लेकिन समय रहते इसकी पहचान और उचित उपचार से न केवल जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि मरीजों की गरिमा और जीवन की गुणवत्ता भी सुरक्षित रखी जा सकती है। ये बात शनिवार को भारत में पहली बार आयोजित एशियन ओशियानियन सोसाइटी ऑफ ब्रेस्ट इमेजिंग (एओएसबीआई) कांग्रेस का उद्घाटन करने के दौरान दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने कही। वन रीजन, मेनी वॉइसेज, एडवांसिंग ब्रेस्ट इमेजिंग अक्रॉस एशिया एंड ओशियानिया विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के चिकित्सक, रेडियोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए।

अपने संबोधन में संधू ने कहा कि स्तन कैंसर के मामलों में शुरुआती जांच और समय पर इलाज से मरीजों के जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है। साथ ही उनके परिवारों पर पड़ने वाला मानसिक और सामाजिक प्रभाव भी कम होता है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और स्क्रीनिंग सुविधाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। उपराज्यपाल संधू ने सम्मेलन में मौजूद चिकित्सकों और चिकित्सा क्षेत्र के उद्यमियों से आग्रह किया कि वे कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के माध्यम से सस्ती डायग्नोस्टिक इमेजिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मिलकर काम करें, ताकि आधुनिक जांच तकनीकों का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग तक भी पहुंच सके।

दिल्ली की महिला चिकित्सकों की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए उन्होंने उनसे अपने-अपने कार्यक्षेत्र और समुदाय में स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर दिया गया जोर देश की स्वास्थ्य नीति को बीमारी के इलाज से आगे बढ़ाकर समय पर जांच और रोकथाम की दिशा में ले गया है। स्तन कैंसर जैसी बीमारी में यह सोच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि समय पर पहचान से न केवल जान बचती है, बल्कि मरीज की गरिमा, उम्मीद और बेहतर जीवन भी सुरक्षित रहता है।

संधू ने कहा कि भारत स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और जैव-चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक पहचान बना रहा है। भारतीय डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की विशेषज्ञता के साथ-साथ सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल हेल्थ तकनीकों में देश की बढ़ती भूमिका के कारण भारत में एओएसबीआई की पहली कांग्रेस का आयोजन वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।

Sumant Chaudhary