प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में बृहस्पतिवार को आरोप-पत्र दायर किया। यह मामला बैंक ऋण धोखाधड़ी से संबंधित धनशोधन से जुड़ा हुआ है। विशेष न्यायाधीश संजय गर्ग की अदालत में प्रवर्तन निदेशालय ने पुरी और कंपनी मोजरबेयर के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया।
अदालत दोपहर बाद इस पर सुनवाई कर सकती है। प्रवर्तन निदेशालय ने 20 अगस्त को पुरी को गिरफ्तार किया था। अदालत ने इससे पहले उनकी न्यायिक हिरासत 17 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी। वह अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले मामले से जुड़े धन शोधन के एक अन्य मामले में भी न्यायिक हिरासत में हैं।
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हेलीकॉप्टर घोटाले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने इससे पहले यह कहते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी कि प्रभावी जांच के लिए हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ जरूरी है। हेलीकॉप्टर घोटाले में यहां केंद्रीय जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के बाद उन्हें बैंक धोखाधड़ी मामले में धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया था।
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प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर पीएमएलए का यह नया मामला 17 अगस्त को सीबीआई की ओर से दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी से सामने आया जिसमें रतुल पुरी, उनके पिता दीपक पुरी, मां नीता (कमलनाथ की बहन) और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मुकदमा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से दायर 354 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में दर्ज किया गया था।
बैंक का दावा था कि कंपनी और उसके निदेशकों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से निधि जारी कराने के लिए फर्जी दस्तावेज दिए। रतुल पुरी तीन मुख्य केंद्रीय जांच एजेंसियों – ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग द्वारा आपराधिक जांच का सामना कर रहे हैं।


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