पांचवीं कक्षा का बच्चा न बता सका पिता-देश का नाम

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जानकारी के मुताबिक 75 फीसदी से अधिक छात्र इस मेधावी परीक्षा में फेल हो गए। जबकि पास होने के लिए सिर्फ 60 फीसदी अंक हासिल करना ही जरूरी था।

नई दिल्ली : एमसीडी में शिक्षा का स्तर कितना नीचे आ चुका है उसकी बानगी मेधावी छात्रों के आए परीक्षा परिणाम बयां कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 75 फीसदी से अधिक छात्र इस मेधावी परीक्षा में फेल हो गए। जबकि पास होने के लिए सिर्फ 60 फीसदी अंक हासिल करना ही जरूरी था। पूरा मामला नॉर्थ एमसीडी के शिक्षा विभाग से जुड़ा हुआ है। जहां पर हाल ही में मेधावी छात्रों की लिस्ट जारी की गई है।

सिटी एसपी जोन का सबसे खराब प्रदर्शन… इसमें सबसे अधिक निराशाजनक प्रदर्शन सिटी एसपी जोन का रहा। जहां चौथी कक्षा के सिर्फ 87 व पांचवी के 155 बच्चे ही सफलता प्राप्त कर पाए। नॉर्थ एमसीडी की इस मेधावी परीक्षा में कुल 3934 बच्चे ही पास हो पाए हैं। जिसमें छह जोनों को मिलाकर चौथी के 1955 व पांचवी के 1979 छात्र हैं। करोल बाग जोन और केशवपुरम जोन का भी निराशाजनक परिणाम रहा।

इस परीक्षा फल से अनुमान लगा सकते हैं कि निगम के स्कूलों में शिक्षा का स्तर कैसा है और किस दिशा की ओर बढ़ रहा है। कई बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि चौथी कक्षा के मेधावी परीक्षा प्रश्न पत्र में आउट में सिलेबस प्रश्न आए। कक्षा 4 की जगह उच्चतर कक्षा के प्रश्न पूछे गए। जिसके कारण चौथी कक्षा के मेधावी बच्चों का परिणाम प्रभावित हुआ है।

व्हाट इस योर फादर नेम?
पांचवी कक्षा के बच्चों से यह प्रश्न पूछा गया कि व्हाट इस योर फादर नेम, व्हाट इस योर कंट्री नेम। इन प्रश्नों के उत्तर पहली कक्षा के बच्चे भी दे सकते हैं। बावजूद इसके पास होने वाले मेधावी बच्चों की संख्या यह बताने के लिए स्पष्ट है कि निगम में सरकारी धन के दुरूपयोग के अलावा जमीनी स्तर पर कुछ नहीं किया जा रहा है।

– राजेश रंजन सिंह

Desk Team