हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी को लेकर संजय और निशू आजाद पर FIR की मांग, कोर्ट में अर्जी दाखिल

Summary :

याचिका के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मौजूद @Nishuazad11 हैंडल से भगवान शिव, श्री कृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा को लेकर कई विवादित पोस्ट की गई हैं। आरोप है कि इन पोस्ट्स में देवी-देवताओं को 'काल्पनिक' बताया गया।

Nishu Azad Controversy

Nishu Azad Controversy : हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने के आरोप में एडवोकेट अमिता सचदेवा ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने संजय आजाद और उनकी नाबालिग बेटी निशू आजाद के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग को लेकर मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष अर्जी दाखिल की है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस को शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 196, 299 और 353 के तहत केस दर्ज करने का निर्देश देने की गुहार लगाई है।

सोशल मीडिया पोस्ट्स पर उठाए गंभीर सवाल

याचिका के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर मौजूद @Nishuazad11 हैंडल से भगवान शिव, श्री कृष्ण, मां सरस्वती और मां दुर्गा को लेकर कई विवादित पोस्ट की गई हैं। आरोप है कि इन पोस्ट्स में देवी-देवताओं को ‘काल्पनिक’ बताया गया, धार्मिक ग्रंथों को उड़ाने की बात कही गई और श्रद्धालुओं का मजाक उड़ाया गया।

अमिता सचदेवा ने बताया कि उन्हें 3-4 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर स्थित अपने चैंबर में इन पोस्ट्स के बारे में जानकारी मिली। इससे उनकी और तमाम हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

पुलिस से जवाब न मिलने पर कोर्ट पहुंचीं वकील

याचिका में बताया गया कि अधिवक्ता ने सबसे पहले 5 सितंबर को साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने और डिजिटल एविडेंस को सुरक्षित रखने की मांग की थी। इसके बाद 7 सितंबर को डीसीपी (न्यू दिल्ली) को भी पत्र भेजा गया। लेकिन पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया या प्रगति रिपोर्ट न मिलने पर अदालत में अर्जी दी गई।

अर्जी में कहा गया है कि यद्यपि निशू आजाद नाबालिग प्रतीत होती हैं, लेकिन यह खाता उनके पिता संजय आजाद के घर और नियंत्रण में संचालित हो रहा था।

जंतर-मंतर विवाद से अलग है मामला

गौरतलब है कि संजय आजाद हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान मारपीट की घटना में भी चर्चा में रहे हैं। हालांकि, अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा दाखिल की गई यह याचिका पूरी तरह से सोशल मीडिया पर किए गए कथित आपत्तिजनक पोस्ट्स से जुड़ी हुई है।

बता दें निशु आजाद व उनके पिता संजय खुद को अंबेडकरवादी बताते हैं। इसे लेकर निशु आजाद सोशल मीडिया पर पोस्ट भी करती रही हैं। यह मामला उन्ही पोस्टों से जुड़ी हैं।

यह भी पढ़ें – ‘अनाथ से स्वनाथ’ आफ्टर-केयर सम्मेलन: कपिल मिश्रा बोले-विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब हर बच्चा आगे बढ़े

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।