Delhi Police Action Against Fake CBI 0fficer : सीबीआई लोगो वाली वर्दी, फर्जी सीबीआई पहचान पत्र और सरकारी अफसरों जैसी भाषा… इसी अंदाज में एक गिरोह ने दिल्ली के प्रशांत विहार में भी फर्जी रेड कर एक परिवार को डराकर नकदी और कीमती सामान ऐंठने की योजना बनाई। वे अपने मकसद में कामयाब भी हो जाते, मगर कारोबारी की पत्नी ने शक के दरवाजा नहीं खोला। वहीं, पड़ोसियों ने भी सवाल-जवाब किए तो वे मौके से फरार हो गए। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। रोहिणी डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली-मुंबई तक फैले इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी (रोहिणी) शशांक जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बार-रेस्टोरेंट में गायिका जम्मू-कश्मीर निवासी आसिफा (29), पूर्व बैंक कर्मचारी कुलदीप शर्मा (63), इलेक्ट्रॉनिक्स मरम्मत का काम करने वाला चंदर प्रकाश शर्मा (38), शुभम उर्फ गोलू (25), राजवीर सिंह (21) और नितिन शर्मा (30) के तौर पर हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर आगे की जांच कर रही है।
डीसीपी मुताबिक गत 11 अगस्त की रात करीब 10 बजे की है। प्रशांत विहार निवासी कारोबारी प्रथम अग्रवाल अपनी मां के साथ घर पर मौजूद थे। तभी करीब आठ लोग, जिनमें छह पुरुष और दो महिलाएं थीं, उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए फर्जी पहचान पत्र दिखाए और घर में छापेमारी करने की बात कही। कारोबारी परिवार और पड़ोसियों ने जब तलाशी वारंट दिखाने को कहा तो आरोपी यह कहकर वहां से निकल गए कि उनके पास कारोबारी के पिता के नाम का नोटिस है और वह गाड़ी से लेकर आते हैं। इसके बाद वे वापस नहीं लौटे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस को कारोबारी के पिता के मोबाइल फोन पर भेजा गया एक फर्जी सीबीआई नोटिस भी मिला। 19 अगस्त को प्रशांत विहार थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। जिसके बाद रेड कर एक के बाद एक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आसिफा पहले राजेंद्र प्लेस में होटल चलाती थी, लेकिन नुकसान के कारण होटल बंद हो गया। करीब आठ महीने पहले एक पारिवारिक शादी में उसकी मुलाकात कुलदीप शर्मा से हुई थी। आरोप है कि कुलदीप और पूजा ने खुद को सीबीआई से जुड़ा बताया था। बैंकिंग संबंधी काम के सिलसिले में कुलदीप शिकायतकर्ता के संपर्क में आया और उसने आसिफा व पूजा को परिवार, घर तथा वहां नकदी या कीमती सामान होने की संभावित जानकारी दी।
रेड के लिए तैयार की फर्जी सीबीआई टीम
पुलिस के मुताबिक पूजा ने फर्जी छापेमारी के लिए लोगों का इंतजाम करने में अहम भूमिका निभाई। उसने अपने बहनोई चंदर प्रकाश शर्मा से संपर्क किया। चंदर ने शुभम, राजवीर, नितिन और अन्य साथियों को बुलाया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर छापेमारी में शामिल होने के बदले पैसे दिए गए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें फर्जी पहचान पत्रों की तस्वीरों के अलावा सरकारी अधिकारियों की वर्दी में तस्वीरें और वीडियो मिले हैं। चंदर के पास से सीबीआई लोगो वाले कपड़े भी बरामद हुए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मोबाइल में मिले वीडियो से पुलिस को संदेह है कि गिरोह ने सीबीआई के अलावा ईडी और अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर दिल्ली और मुंबई में कई फर्जी छापेमारी की हो सकती है। पुलिस अब इन वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल कर गिरोह की पूरी गतिविधियों और संभावित पीड़ितों का पता लगाने में जुटी है।



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