नई दिल्ली : शिक्षा और वास्तविक जीवन में बहुत बड़ा गैप है, जिसे भरना बेहद जरूरी है। स्कूलों में बच्चे शिक्षा तो ग्रहण कर रहे हैं लेकिन उनका कौशल विकास नहीं हो पा रहा है। उक्त बातें स्कूल लीडरशिप पर परिचर्चा के लिए सोमवार को आयोजित शिक्षा सम्मेलन और स्कूल लीडरशिप पुरस्कार 2018-19 समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहीं।
ऐजु एडवाइस के निदेशक संजय टुटेजा और अध्यक्ष डीआर मेहता के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में अनुराग त्रिपाठी द्वारा विभिन्न निजी स्कूलों के प्रिंसिपल्स सहित वरिष्ठ पत्रकारों को स्कूल लीडरशिप पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि उनका मानना है कि दो जगहों पर बदलाव जरूरी है। वहीं दूसरा यह कि अभिभावक घर पर बच्चों के साथ किस प्रकार बर्ताव करते हैं।
कार्यक्रम में एनसीईआरटी के सचिव मेजर हर्ष कुमार, नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी के उप कुलपति जेपी सैनी, निजी स्कूलों की एक्शन कमेटी के अध्यक्ष एसके भट्टाचार्य, महासचिव भरत अरोड़ा, उपाध्यक्ष वेद टंडन अभिषेक गिरी व अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। इस मौके सीबीएसई की नवनियुक्त गवर्निंग बॉडी की सदस्य वंदना टंडन, ज्योति अरोड़ा, अनिता वत्स और डॉ. छेलेश चंद्र का भी स्वागत किया गया।


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