सरकार आयुष्मान भारत के लिए अधिक धन मुहैया करा सकती है : गोयल

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नई दिल्ली : वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार अगले साल दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत’ के लिए अधिक धन आवंटित कर सकती है। गोयल ने स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि योजना की शुरुआत के चार माह के भीतर ही इसके लाभार्थियों की संख्या 10 लाख के आंकड़े को पार कर गयी है।

उन्होंने कहा, “सरकार ने पहले ही इस कार्यक्रम के लिए आधा अरब (50 करोड़) डॉलर का प्रावधान किया है। आने वाले साल में हमें और धन मुहैया कराने की उम्मीद है।” पिछले सप्ताह संसद में पेश वित्त वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट में आयुष्मान भारत के लिए आवंटन को बढ़ाकर 6,400 करोड़ रुपये करने का ऐलान किया गया था।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाये जाने से विश्व भर की कंपनियों के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के विस्तार की कोशिश में भागीदारी का द्वार खुलेगा। हर घर तक बिजली की पहुंच के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल अप्रैल तक देश के हर घर तक बिजली पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि हमने सतत विकास लक्ष्य से एक दशक पहले ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया है।

भारत दुनिया में सबसे तेज राजमार्ग विकासकर्ता देश : पीयूष गोयल

भारत दुनिया में इस राजमार्ग का सबसे तीव्र गति से विकास करने वाला देश है और हर रोज औसतन 27 किमी राजमार्गों का निर्माण कर रहाहै। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को देश के विकास के लिए बुनियादी ढाँचे के महत्व को रेखांकित किया। लोकसभा में वर्ष 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए, गोयल ने कहा कि सिक्किम में हवाई अड्डा चालू होने के साथ अब देश में 100 हवाई अड्डे चालू हो गये हैं।

पीयूष गोयल ने कहा कि तेज बुनियादी ढांचे के विकास से परिवर्तनकारी बदलाव शुरु हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘भारत पूरी दुनिया में सबसे तेज राजमार्ग विकासकर्ता देश है’ जो हर दिन 27 किमी राजमार्ग बना रहा है। पीयूष गोयल ने असम के बोगीबील ब्रिज और दिल्ली में भीड़ को कम करने के लिए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे जैसी अटकी परियोजनाओं को चालू करने का श्रेय अपनी सरकार को देते हुए, कहा कि भारत ने जलमार्गों पर कंटेनर की आवाजाही के सपने को भी साकार किया है।

बंदरगाह नीत विकास के लिए सरकार की महत्वाकांक्षी सागरमाला परियोजना का उल्लेख करते हुए, पीयूष गोयल ने कहा कि पहली बार कंटेनर कार्गो को कोलकाता से वाराणसी भेजा गया और अब पूर्वोत्तर के लिए कंटेनर कार्गो आवाजाही शुरु करने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सागरमाला एक नयी नीली अर्थव्यवस्था को जन्म दे सकता है और अन्य जलमार्गो को विकसित किए जाएंगे।

गोयल ने अपने बजट भाषण में यह भी कहा कि भारत 10 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की इच्छा रखता है और इसके लिए भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आयात में कटौती के लिए वैकल्पिक ईंधन पर जोर दिया गया है और भारत इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिये परिवहन क्रांति के माध्यम से दुनिया की अगुवाई करेगा।

उन्होंने कहा कि रेल, समुद्र, शहरी परिवहन, अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। गोयल ने कहा कि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जीवन को बेहतर बनाने के लिए, सरकार ने प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के लिए आवंटन को बढ़ाकर 19,000 करोड़ रुपये कर दिया है।

वर्ष 2018-19 के संशोधित अनुमान में इस योजना पर 15,500 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई के तहत ग्रामीण सड़कों के निर्माण की रफ्तार तीन गुना हो गयी है और इसके तहत कुल 17.84 लाख बस्तियों में से 15.8 लाख को पक्की सड़कों से जोड़ा गया है।

उड़ान योजना को रेखांकित करते हुए, गोयल ने कहा कि भारत में अब 100 परिचालनगत हवाई अड्डे हैं और कहा कि घरेलू यात्री यातायात के दोगुना होने के साथ भारी मात्रा में नौकरियां पैदा होंगी। पीयूष गोयल ने कहा, रेलवे में बड़ी लाइनों पर सभी मानव रहित रेल क्रॉसिंग को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि रेलवे का पूंजीगत व्यय कार्यक्रम अगले वित्त वर्ष में 1.58 लाख करोड़ रुपये के अब तक के उच्चतम स्तर पर है। उन्होंने कहा कि प्रथम बार स्वदेश में निर्मित वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत, मेक इन इंडिया अभियान के अनुरूप है।

Desk Team