सरकार ने रोके सैनिटेशन मद के 430 करोड़ रुपए

Summary :

NULL

नई दिल्ली : उत्तरी दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस दल के नेता मुकेश गोयल ने दिल्ली सरकार और नगर निगम के शासित भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। मुकेश गोयल का कहना है कि दिल्ली सरकार ने अपने वर्ष 2018- 2019 के बजट अनुमान मे निगम को विभिन्न मदों मे दी जाने वाली अनुदान राशि को खत्म कर दिया है। सबसे ज्यादा कटौती सैनिटेशन मद में की गई है। वर्ष 2017-18 मे सैनिटेशन मद में लेखा शीर्ष संख्या XL III D IV में 430 करोड़ रुपये का प्रावधान था। इस राशि में से 210 करोड़ रुपये सफाई कर्मियों के वेतन पर खर्च होते थे। शेष 220 करोड़ रुपए उत्तरी दिल्ली के कूड़ा प्रबंधन, साफ सफाई व नाली आदि बनाने पर खर्च किए जाते थे।

मुकेश गोयल ने ‘आप’ सरकार की कार्यशैली पर अफसोस जताते हुए कहा कि सरकार के इस कदम से निगम में आर्थिक स्थिति और भयावह होने वाली है। क्योंकि 430 करोड़ रुपये में से ही सफाई कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिल पाता था। अब इस मद में पैसा ही नहीं होगा तो वर्ष 2018-19 में सफाई कर्मियों को वेतन कहां से और कैसे दिया जाएगा अंदाजा लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं कूड़ा-प्रबंधन, साफ सफाई और नाली आदि बनाने का कार्य भी प्रभावित होगा। गोयल ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने निगम के अन्य विभिन्न मदों मे भी मिलने वाली अनुदान राशि में भारी कटौती या जीरो पैसा कर दिया है। इन मदों में दिल्ली की पुनर्वास एवं झुग्गी-झोपड़ी कॉलोनी,पर्यावरण एंव उधान विकास, सामुदायिक केन्द्र एवं बारातघर का निर्माण और रखरखाव, धोबी घाट का निर्माण एंव रखरखाव आदि है जिनमें गत वर्ष क्रमश: 15, करोड़ व 5-5 करोड़ रुपए व 60 लाख रुपए की व्यवस्था थी।

मुकेश गोयल के मुताबिक सरकार के इस फैसले से जहां अब पुनर्वास एवं झुग्गी-झोपड़ी कॉलोनियों मे सुविधाएं प्रदान करने सहित अन्य विकास कार्य नहीं हो पाएंगे कारण अभी तक पुनर्वास एवं झुग्गी-झोपड़ी कॉलोनी मद में लेखा शीर्ष संख्या XL 1B V मे 15 करोड़ रुपये मिलते थे जिसको सरकार ने जीरो कर दिया है। वहीं पर्यावरण एंव उधान विकास, सामुदायिक केन्द्र एवं बारातघर का निर्माण और रखरखाव, धोबी घाट का निर्माण एंव रखरखाव आदि के कार्य भी प्रभावित होंगे। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने ट्रांसपोर्ट सैक्टर सहित आरओबी व आरयूबी के लिए भी मद में पैसे न देने का प्रस्ताव किया है। अभी तक इन मदों मे 20-20 करोड़ रुपये मिलते थे। यह राशि सडकों एवं पुलों के निर्माण एवं नवीनीकरण आदि पर खर्च की जाती थी लेकिन अब पैसा न होने से निगम उक्त कार्य नहीं कर सकेगा।

देश की हर छोटी-बड़ी खबर जानने के लिए पढ़े पंजाब केसरी अखबार।

Desk Team