दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर लगा भयंकर जाम, सिर्फ पास वालों को मिल रही है जाने की इजाजत

Summary :

बॉर्डर को सील करने के आदेश के बाद प्रशासन ने मंगलवार को काफी सख्ती दिखाई। पुलिस वाहनों और पास की जांच के बाद ही आगे जाने की अनुमति दे रही है।

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर सील किए गए दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर मंगलवार को भयंकर जाम लगा। बॉर्डर पर दूर-दूर तक वाहनों का जखीरा नजर आया। पुलिस लोगों के ‘पास’ और ‘पहचान पत्र’ की जांच कर है। इसके साथ ही उन्ही लोगों को प्रवेश की अनुमति मिल रही है, जिसके पास अनुमति पत्र या आईडी है।
बॉर्डर को सील करने के आदेश के बाद प्रशासन ने मंगलवार को काफी सख्ती दिखाई। पुलिस वाहनों और पास की जांच के बाद ही आगे जाने की अनुमति दे रही है। जिसके कारण बॉर्डर पर लंबा जाम नजर आया। जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने दिल्ली बॉर्डर सील करने का फैसला लिया है। अब सिर्फ पास वालों को ही गाजियाबाद में प्रवेश की अनुमति होगी। 
प्रशासन के अनुसार मीडिया कर्मियों सहित आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वालों को पास और आईडी की आवश्यकता नहीं है। वहीं एम्बुलेंस के वाहनों को भी अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही माल ढुलाई, बैंकिंग सेवाओं और आवश्यक वस्तुएं लाने-ले जाने वाले वाहनों को पास लेकर चलना जरूरी होगा। बॉर्डर पर तैनात पुलिस पूछताछ कर सकेगी।
 पुलिस पास चेक करेगी और जब आश्वास्त होगी तभी किसी को गाजियाबाद में प्रवेश दिया जाएगा। आदेश में कहा है कि एम्बुलेंस बिना किसी रोकटोक के आ-जा सकेगी। वहीं भारत सरकार के काम करने वाले उप सचिव और उसके ऊपर के अधिकारियों को सिर्फ अपना आइडेंटिटी कार्ड दिखाना होगा। उन्हें पास की जरूरत नहीं होगी। 
गाजियाबाद में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी रहते हैं जो दिल्ली सरकार, भारत सरकार और अन्य कार्यालयों में काम करते हैं। ऐसे सरकारी कर्मचारियों के लिए 33 प्रतिशत की सीमा निर्धारित की गई है लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए कार्यालय अलग से पास जारी करे। 
ऐसे कर्मचारियों को सिर्फ आइडेंटिटी कार्ड के आधार पर आवाजाही की अनुमति नहीं होगी। गौरतलब है कि लॉकडाउन के चौथे चरण में ढील दिए जाने के साथ ही देश में कुछ दिनों से कोरोना मामलों में उछाल आया है। वहीं गाजियाबाद में कोरोना वायरस के 300 से अधिक केस सामने आ चुके हैं।

Desk Team