नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने यहां करोल बाग इलाके में आग लगने की घटनाओं से जानमाल को होने वाले नुकसान पर संज्ञान लेते हुए उत्तर दिल्ली नगर निगम को इलाके की भवन योजना दिल्ली अग्निशमन सेवा के साथ साझा करने का सोमवार को निर्देश दिया, ताकि ‘फायर ऑडिट’ प्राथमिकता के आधार पर की जा सके। न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति आशा मेनन की पीठ ने उत्तर दिल्ली नगर निगम एवं दिल्ली अग्निशमन सेवा को नियमित बातचीत और संचार के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा, ताकि ‘फायर ऑडिट’ को प्राथमिकता दी जा सके।
दरअसल, दिल्ली अग्निशमन सेवा के वकील ने अदालत को यह जानकारी दी कि समूचे करोल बाग इलाके में ‘फायर ऑडिट’ करने के लिए और इलाके में आग संभावित क्षेत्रों की पहचान के लिए विभाग को भवन योजना की जरूरत होगी, जो उत्तर दिल्ली नगर निगम के पास है। विभाग ने अधिवक्ता गौतम नारायण के जरिये दाखिल स्थिति रिपोर्ट में कहा है कि भवन योजना मुहैया करने के लिए निर्देश दिया जाए। वहीं, नगर निगम के वकील ने कहा कि वह इसमें सहयोग करने को इच्छुक है।


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