पश्चिमी दिल्ली : आदर्श नगर इलाके में युवक की उसके दोस्त ने चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान गौतम उर्फ बादशाह भाई के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी से वारदात में इस्तेमाल चाकू जब्त कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतक की पहचान गोविंदा (19) के रूप में हुई है। वह परिवार के साथ जेलर वाला बाग झुगगी बस्ती, अशोक विहार फेस-दो में रहता था। परिवार में मां और एक बहन है। गोविंदा के पिता संजय होटल में नौकरी करते हैं,जबकि उसकी बहन पढ़ाई कर रही है। वह मूलरूप से बेगूसराय, बिहार का रहने वाला था। बीती रात साढ़े 12 बजे सब्जी मंडी थाने में तैनात जयपाल ने आदर्श नगर पुलिस को सूचना दी।
गौतम और शिवम नामक लड़के ने गोविंदा नामक युवक को बाड़ा हिन्दुराव अस्पताल में दाखिल कराया है। जिसको डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया। दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जबकि अस्पताल में गोविंदा के एक अन्य दोस्त गौरव कुमार उर्फ गोलू ने पुलिस को बताया कि किसी बात पर गोविंदा और गौतम का झगड़ा हो गया था।
दोनों जानकार है, तभी गौतम ने गोविंदा को चाकू मार दिया। पुलिस ने गौतम को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया। आरोपी ने बताया कि झंडा चौक, लाल बाग स्थित एक स्टेशनरी की दुकान के पास गोविंदा से उसका किसी बात पर झगड़ा हो गया था। तभी हाथापाई के बीच उसने गोविंदा को चाकू मार दिया था।
दोस्त ने गोविंदा के घर बताया घटना के बारे में
गोविंदा के परिजनों ने बताया कि रात करीब 12 बजे गोविंदा के एक दोस्त ने घर आकर बताया कि गोविंदा को गौतम नामक दोस्त ने चाकू मार दिया है। उसको बाड़ा हिन्दुराव अस्पताल में ले गए हैं। परिवार वाले तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मरने से पहले बताया आरोपी का नाम
परिजनों ने बताया कि गोविंदा के दोस्तों ने उनको बताया कि जब वह गोविंदा को तलाश करते हुए झंडेवाला चौक पर पहुंचे। वह सड़क पर वह उल्टा पड़ा था। जिसको सीधा किया तो उसके पेट से खून निकल रहा था। गोविंदा ने बताया कि गौतम ने उसे कहासुनी के बाद चाकू मार दिया था। जिसको वह घायल हालत में तिपहिया में डालकर अस्पताल लाए थे।
स्टेशन पर घूमने की बोलकर निकला था मृतक
परिजनों ने बताया कि गोविंदा कोई काम नहीं करता था। सोमवार की शाम चार बजे उसने खाना खाया था। उस समय उसकी मां और बहन घर पर मौजूद थी। गोविंदा अपनी मां को कहकर निकला था कि वह स्टेशन की तरफ घुमने जा रहा है। रात 10 बजे गोविंदा को रेलवे स्टेशन के पास टहलते हुए दोस्तों के साथ देखा गया था।
गोविंदा रोज शाम को घर से जाकर रात को वापस घर लौटता था। कई बार वह रात 12 बजे के बाद भी घर आता था। परिजनों को पता था कि वह स्टेशन के आसपास ही दोस्तों के साथ टहल रहा होगा। लेकिन उसकी हत्या की सूचना ने कोहराम मचा दिया।


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