नई दिल्ली : नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल, आईएमसी (संशोधन) और कंज्यूमर प्रोटेक्शन (सीपीए) बिल को लेकर शुक्रवार को देश भर के करीब साढ़े लाख डॉक्टर काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने गुरुवार को तीनों विधेयक पर सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सरकार ने इन मामलों पर डॉक्टरों की मांगे नहीं मानी, तो डॉक्टर देशभर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे।
आईएमए के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शांतनू सेन का कहना है कि शुक्रवार को होने वाले विरोध प्रदर्शन में सभी राज्यों में डॉक्टर अपने स्थानीय सांसदों से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही इन बिलों पर डॉक्टरों का पक्ष समझाकर उनसे अनुरोध करेंगे कि वे भी इन बिलों को पास होने से रोकें। उनका कहना है कि इन बिलों को लेकर उनकी मांगे नई नहीं हैं।
यह डॉक्टरों का विरोध ही है कि जिसकी वजह से सरकार को एनएमसी बिल मनी बिल के रूप में लाना पड़ा और आज तक वह पास नहीं हो सका है। उनका कहना है कि एनएमसी पर पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने सरकार को दो दर्जन बदलाव का सुझाव दिया था।


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