जामिया में आधी रात बवाल पर विश्वविद्यालय का बड़ा खुलासा, तोड़फोड़ और महिला फैकल्टी को धमकाने का आरोप

Summary :

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र आंदोलन के बीच तनाव बढ़ गया है। मंगलवार देर रात प्रदर्शनकारी छात्रों और स्थानीय निवासियों के बीच झड़प, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ से कैंपस में नुकसान हुआ। राहुल गांधी के छात्रों से मिलने की संभावना के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने नई एडवाइजरी जारी की है।

पिछले कई दिनों से जामिया में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसी बीच आज बुधवार को यूनिवर्सिटी में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। मंगलवार देर रात प्रदर्शनकारी छात्रों और स्थानीय निवासियों के बीच हुई झड़प के दौरान तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं, जिससे विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। कैंपस के अंदर अशांति कई मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच हुई है। इसी बीच,लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज विश्वविद्यालय जाकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाक़ात करेंगे।

आधी रात जामिया में मचा बवाल?

विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से आज बुधवार को जारी बयान के अनुसार, बाउंड्री वॉल (दीवार) तोड़े जाने की जानकारी मिलने पर प्रॉक्टोरियल टीम और फैकल्टी मेंबर यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे। वहां पहुंचने पर अधिकारियों ने देखा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र और कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने विश्वविद्यालय के गेट तोड़ दिए, इतना ही नहीं गेट नंबर 4C को गिरा दिया और परिसर में जमकर पत्थरबाजी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़

इस घटना पर सफाई देते हुए विश्वविद्यालय ने कहा, “प्रदर्शन कर रहे छात्रों और स्थानीय निवासियों की एक खास समूह ने विश्वविद्यालय के दीवारों और गेटों में तोड़फोड़ की, गेट नंबर 4C को उखाड़ दिया, पत्थर फेंके, CCTV कंट्रोल रूम और कैमरों को नुकसान पहुंचाया, और उनके कनेक्शन काट दिए।” प्रशासन ने आगे अपने बयान में कहा कि नकाबपोश प्रदर्शनकारियों का एक हुजूम अपने लोगों के साथ बॉयज़ हॉस्टल भी पहुंच गया था और आधी रात बवाल मचाया।

विश्वविद्यालय ने और क्या-क्या बताया?

विश्वविद्यालय ने बढ़ते तनाव की कड़ी निंदा की है। विश्वविद्यालय ने कहा, “सबसे चिंताजनक बात यह है कि एक तरफ, प्रदर्शन कर रहे छात्र समिति के सदस्यों और JMI फैकल्टी के साथ बातचीत कर रहे थे। इसके कुछ ही समय बाद, परिसर में तोड़फोड़ शुरू हो गई।” विश्वविद्यालय ने आगे बताया कि जब महिला फैकल्टी सदस्यों, वार्डन ने महिला प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, तो उन्हें धमकियां दी भी गईं। मालूम हो कि पिछले एक हफ्ते से बढ़ते तनाव को देखते हुए, विश्वविद्यालय ने 24 अक्टूबर को ही पढ़ाई को ऑनलाइन मोड में करने की घोषणा कर दी थी।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।